|
आडवाणी की संयम की सलाह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के गुजरात के विधायकों ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की 'कार्य शैली' के ख़िलाफ अभियान छेड़ दिया है. इस अभियान के तहत पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी को भी हस्तक्षेप करना पड़ा है. आडवाणी ने मोदी विरोधी गुजरात के नेताओं से कहा है कि वे मीडिया के जरिए अपना विरोध न जाहिर करें. साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा. भाजपा उपनेता वीके मल्होत्रा ने बताया कि भाजपा संसदीय दल की बैठक में लालकृष्ण आडवाणी ने कहा,'' यह पार्टी का अंदरूनी मामला है और इसे मीडिया के माध्यम से नहीं उठाया जाना चाहिए. हम इस मामले को सुलझा लेंगे.'' इस बैठक में नरेंद्र मोदी के विरोधी पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल भी उपस्थित थे. हाल में गुजरात सरकार के ऊपर भाजपा के कुछ विधायकों ने फ़ोन टेप करने का आरोप लगाया था. गौरतलब है कि कुछ अर्से पहले मनाली में छुट्टियों के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात और नरेंद्र मोदी के बारे में कड़ी टिप्पणियाँ की थीं. उन्होंने हार के लिए गुजरात के दंगों को एक प्रमुख कारण बताया था. वाजपेयी के बयान के बाद भाजपा और संघ परिवार की संस्थाओं में ख़ासी सनसनी रही. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||