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मोदी को न हटाना बड़ी भूल थी: वाजपेयी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अब कहा है कि गुजरात दंगों के बाद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को न हटाना बड़ी ग़लती थी. मनाली में एक निजी टेलीविज़न चैनल के साथ इंटरव्यू में वाजपेयी ने ये बातें कहीं. वाजपेयी ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि गुजरात दंगे लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार की एक वजह थे. रविवार को ज़ी न्यूज़ चैनल से बातचीत में वाजपेयी ने कहा, "गुजरात दंगों का असर पूरे देश में महसूस किया गया. यह अप्रत्याशित था और इसने हमें बुरी तरह प्रभावित किया. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को हटा दिया जाना चाहिए था." गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन के बारे में वाजपेयी ने कहा कि इस महीने के आख़िर में मुंबई में होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस पर कोई फ़ैसला हो सकता है. बीबीसी के गुजरात संवाददाता राजीव खन्ना का कहना है कि वाजपेयी के इस संकेत से मोदी विरोधियों के हौसले कुछ बढ़ सकते हैं. लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए वाजपेयी ने कहा, "लोकसभा चुनाव मेरे नेतृत्व में लड़े गए थे और मुझे हार की ज़िम्मेदारी भी लेनी होगी." लेकिन उन्होंने चुनाव नतीजों को आश्चर्यजनक बताया.
जल्दी चुनाव कराने के फ़ैसले के बारे में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी में इस संबंध में दो विचारधाराएँ थी लेकिन बहुमत यही था कि चुनावों की तारीख़ घोषित कर दी जाए. वाजपेयी ने स्वीकार किया कि इस फ़ैसले से भी पार्टी को फ़ायदा नहीं हुआ. कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर वाजपेयी ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन पर व्यक्तिगत हमलों की नीति ने भी भाजपा को कोई फ़ायदा नहीं पहुँचाया. वाजपेयी ने कहा, "भारत का मतदाता सबकुछ समझता है. इस तरह के व्यक्तिगत हमलों को वह कुछ देर के लिए पसंद कर सकता है लेकिन दिल से वह इस तरह के हमलों की नीतियों के बिल्कुल ख़िलाफ़ है." वजह वाजपेयी ने शनिवार को स्वीकार किया था कि गुजरात दंगे लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की हार का एक मुख्य कारण बने. वाजपेयी ने कहा था कि दंगे शर्मनाक थे और कभी उनकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए. वाजपेयी ने कहा, "यह कहना मुश्किल है कि चुनावों में भाजपा की हार के सभी कारण क्या थे लेकिन गुजरात हिंसा का एक नतीजा यह भी था कि हम चुनाव हार गए." उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों के समय लोगों की भावनाओं का विपक्ष ने फ़ायदा उठाया. उन्होंने कहा, “विपक्ष ने उससे राजनीतिक फ़ायदा उठाना चाहा लेकिन मैं उन्हें दोष नहीं देता. यह राजनीति है और यहाँ ऐसी बातें होती रहती हैं.” वाजपेयी ने कहा कि गुजरात में जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था और उसकी निंदा की गई है. उन्होंने कहा कि ऐसे क़दम उठाना ज़रूरी है जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हो सकें. |
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