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शंकराचार्य को एक मामले में ज़मानत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
काँचि कामकोटि पीठ के शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती को उन पर लगे आरोपों में से एक में ज़मानत मिल गई है. पिछले साल सितंबर में मंदिर के एक कर्मचारी की हत्या के आरोप में जयेंद्र सरस्वती को नवंबर में गिरफ़्तार किया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने उस कर्मचारी की हत्या के लिए कुछ लोगों को धन दिया था. इस मामले में ज़मानत के लिए पहले दो बार उनकी अर्ज़ी ख़ारिज हो चुकी है और उन्होंने ज़मानत के लिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर रखी है. एक अन्य मामले में मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार को शंकराचार्य की ज़मानत मंज़ूर कर ली. लेकिन ज़मानत मंज़ूर होने के तुरंत बाद ही उन्हें एक अन्य मामले में गिरफ़्तार कर लिया गया. उन पर एक अन्य आरोप है कि उन्होंने अपने एक अन्य भक्त पर हमला कराया था जिसे उनका विरोधी समझा जाता था. इस तरह एक मामले में ज़मानत मंज़ूर होने के बावजूद शंकराचार्य अभी वेल्लूर जेल में ही रहेंगे, जब तक कि हत्या के मामले में उनकी ज़मानत नहीं मंज़ूर हो जाती. |
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