| शंकराचार्य के ख़िलाफ़ मामले में नया मोड़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
काँची पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के ख़िलाफ़ हत्या के मामले में एक नया मोड़ आ गया है. काँची पीठ के ही एक पूर्व कर्मचारी शंकररामन की हत्या के मामले में गिरफ़्तार एक अन्य अभियुक्त ने अदालत को बताया है कि उन्हें जयेंद्र सरस्वती के ख़िलाफ़ बयान देने के लिए पुलिस ने विवश किया था. इस मामले में शंकराचार्य भी एक अभियुक्त हैं. शंकररामन की हत्या के मामले में तमिलनाडु पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया है. 36 वर्षीय कादीवरन भी उनमें से एक हैं. कादीवरन ने बुधवार को अदालत को बताया कि पुलिस ने शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के ख़िलाफ़ बयान देने के लिए उन्हें प्रताड़ित किया था. अभी तमिलनाडु पुलिस ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. शंकराचार्य को इसी महीने की 11 तारीख़ को काँची मठ के एक पूर्व कर्मचारी की हत्या के मामले में ग़िरफ़्तार किया गया था. शंकराचार्य अभी न्यायिक हिरासत में हैं. बीच में तमिलनाडु पुलिस ने इस मामले में पूछताछ के लिए उन्हें तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में लिया था. लेकिन अदालत ने उनकी पुलिस हिरासत बढ़ाने की अपील ठुकरा दी. वैसे उनकी ज़मानत की याचिका भी ठुकराई जा चुकी है. नया मामला इससे पहले मंगलवार को शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के ख़िलाफ़ तमिलनाडु पुलिस ने एक और मामला दर्ज किया. इस मामले में भी उनके ख़िलाफ़ ग़िरफ़्तारी का वारंट जारी किया गया है. अब जेल से रिहा होने के लिए शंकराचार्य को इन दोनों मामलों में जमानत लेनी होगी. तमिलनाडु पुलिस का आरोप है कि जयेंद्र सरस्वती ने अपने एक पूर्व भक्त पर हमला करने का आदेश दिया था. तमिलनाडु पुलिस की एक टीम ने वेल्लौर जेल में बंद शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती से मुलाक़ात की और उन्हें ग़िरफ़्तारी का वारंट सौंपा. जयेंद्र सरस्वती न्यायिक हिरासत में हैं और इस समय वेल्लौर जेल में बंद हैं. तमिलनाडु पुलिस का कहना है कि सितंबर 2002 में राधाकृष्णन पर कुछ लोगों ने हमला किया था. राधाकृष्णन को इस हमले में सिर्फ़ मामूली चोटें ही आईं थी और वे बचकर निकलने में सफल रहे थे. इस मामले में उसी समय पुलिस केस दर्ज किया गया था लेकिन उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. तमिलनाडु पुलिस को शक है कि काँची पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के कहने पर ही राधाकृष्णन पर हमला किया गया था. इस मामले में ग़िरफ़्तारी का वारंट जारी होने के बाद शंकराचार्य को जेल से निकलने के लिए दोनों मामलों में ज़मानत लेनी होगी. |
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