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राष्ट्रव्यापी विरोध का आह्वान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल ने काँची कामकोटि के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरफ़्तारी के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है. सिंघल ने उत्तरप्रदेश के अयोध्या में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने विहिप कार्यकर्ताओं से शनिवार को देश के प्रमुख नगरों में प्रदर्शन करने को कहा है. बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "हम इसके ख़िलाफ़ ईंट से ईंट बजा देंगे." उन्होंने कहा कि रविवार को देश के हर ज़िला मुख्यालय में प्रदर्शन किया जाएगा. शंकराचार्य की गिरफ़्तारी को उन्होंने हिंदुत्व विरोधी ताक़तों की साज़िश बताया. सिंघल ने कहा कि हिंदू समुदाय अपने धर्म पर इस तरह के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा. इस बीच अयोध्या के वरिष्ठ महंथों ने भी एक बैठक में शंकराचार्य की गिरफ़्तारी की निंदा की है. उल्लेखनीय है जयेंद्र सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर विवाद को सुलझाने के लिए कई बार प्रयास किए हैं. न्यायिक हिरासत तमिलनाडु पुलिस के एक विशेष दल ने शंकराचार्य सरस्वती को गुरूवार रात को आंध्र प्रदेश के महबूबनगर ज़िले में गिरफ़्तार किया था. तमिलनाडु पुलिस शुक्रवार को उन्हें एक विशेष विमान से चेन्नई लेकर आई और शुक्रवार सुबह उन्हें चेन्नई के पास काँचीपुरम में एक मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. मैजिस्ट्रेट ने शंकराचार्य को 26 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में रखने का निर्देश दिया. इसके बाद शंकराचार्य को वेलोर के केंद्रीय कारागार ले जाया गया. शंकराचार्य सरस्वती पर कांचीपुरम के एक मंदिर के एक कर्मचारी की हत्या में लिप्त होने का आरोप लगाया है. शंकररामन नामक इस कर्मचारी की हत्या सितंबर में तमिलनाडु के कुड्डलोर नामक जगह पर की गई थी. इस मामले में पाँच लोगों ने कुछ दिन पहले पुलिस के सामने समर्पण किया था जिन्होंने इक़बालिया बयान में कहा था कि शंकराचार्य सरस्वती और उनके बड़े भाई इस हत्या से जुड़े हुए हैं. |
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