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शंकराचार्य की गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रियाएँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
काँची पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को हत्या और आपराधिक षडयंत्र के एक मामले में 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर मिलीजुली प्रतिक्रिया हुई है. कुछ नेताओं ने शंकराचार्य की गिरफ़्तारी का स्वागत किया है तो कुछ हिंदू संगठनों के नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. तमिलनाडु में विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता करुणानिधि ने ग़ौरतलब है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को शंकराचार्य के काफ़ी नज़दीक माना जाता रहा है लेकिन ताज्जुब इस पर हुआ कि उनकी सरकार ने ही ऐसा नाटकीय क़दम उठाया. करूणानिधि ने पहले कहा था कि प्रभावशाली धार्मिक नेता किसी न किसी तरह सज़ा से बच जाते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी - द्रमुक हत्या के मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग के लिए काँचीपुरम में प्रदर्शन करेगी. तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के एक नेता एल गणेशन ने शंकराचार्य की गिरफ़्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. दूसरी तरफ़ कट्टरपंथी हिंदू संगठन विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक ने शंकराचार्य की गिरफ़्तारी को "हिंदुत्व के ख़िलाफ़ सक्रिय ताक़तों की साज़िश" क़रार दिया. अशोक सिंघल ने कहा कि हिंदू अपने धर्म पर इस तरह हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे. अशोक सिंघल ने कहा कि शंकराचार्य की गिरफ़्तारी के विरोध में दो दिन के देशव्यापी प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक पत्रकार सम्मेलन में अशोक सिंघल ने अपने समर्थकों से कहा कि वे शनिवार को प्रमुख क़स्बों में प्रदर्शन आयोजित करें और रविवार को ज़िला मुख्यालयों पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. गिरफ़्तारी तमिलनाडु पुलिस के एक विशेष दल ने शंकराचार्य सरस्वती को गुरूवार रात को आंध्र प्रदेश के महबूबनगर ज़िले में गिरफ़्तार किया था. तमिलनाडु पुलिस शुक्रवार को उन्हें एक विशेष विमान से चेन्नई लेकर आई और शुक्रवार सुबह उन्हें चेन्नई के पास काँचीपुरम में एक मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. मैजिस्ट्रेट ने शंकराचार्य को 26 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में रखने का निर्देश दिया. इसके बाद शंकराचार्य को वेलोर के केंद्रीय कारागार ले जाया गया. शंकराचार्य सरस्वती पर कांचीपुरम के एक मंदिर के एक कर्मचारी की हत्या में लिप्त होने का आरोप लगाया है. शंकररामन नामक इस कर्मचारी की हत्या सितंबर में तमिलनाडु के कुड्डलोर नामक जगह पर की गई थी. इस मामले में पाँच लोगों ने कुछ दिन पहले पुलिस के सामने समर्पण किया था जिन्होंने इक़बालिया बयान में कहा था कि शंकराचार्य सरस्वती और उनके बड़े भाई इस हत्या से जुड़े हुए हैं. |
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