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शंकराचार्य के ख़िलाफ़ पुख़्ता सुबूत-जया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का कहना है कि मठ के कर्मचारी की हत्या के मामले में शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के ख़िलाफ़ 'पुख्ता सुबूत' हैं. विधानसभा में दिए गए एक बयान में जयललिता ने कहा कि अब तक की जाँच से पता चलता है कि शंकराचार्य ने मठ के कर्मचारी के ख़ात्मे के लिए षडयंत्र रचा था. उल्लेखनीय है कि कांचीपुरम मठ के एक कर्मचारी शंकररामन की हत्या के मामले में शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को पिछले शुक्रवार गिरफ़्तार किया गया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है. अपने बयान में जयललिता ने कहा कि वे मठ और शंकराचार्य के पद का बहुत सम्मान करती हैं लेकिन उनकी सरकार ने जो क़दम उठाए वे सिर्फ़ इसलिए उठाए हैं क्योंकि सरकार मानती है कि क़ानून के सामने सब एक हैं. मुख्यमंत्री का कहना था कि 29 सदस्यीय विशेष दल की जाँच से यह भी पता चला है कि दो साल पहले मठ के एक भक्त राधाकृष्णन पर हुए हमले के पीछे भी शंकराचार्य का हाथ था. उल्लेखनीय है कि मठ और शंकराचार्य के ख़िलाफ़ बँटे कुछ पर्चों के बारे में शंकराचार्य को शक था कि वह राधाकृष्णन और शंकररामन का हाथ था. जयललिता ने विपक्षियों के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनकी सरकार मठ पर न तो कब्जा करना चाहती है और न इसकी गतिविधियों पर रोक लगाना चाहती है. इससे पहले विधानसभा में इस विषय पर चर्चा करवाने की मांग करते हुए भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने नारेबाज़ी की और वाकआउट किया. |
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