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विश्व हिंदू परिषद की हड़ताल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में कुछ हिंदू संगठनों ने शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरफ़्तारी के विरोध में सोमवार को पूरे देश में आम हड़ताल बुलाई है. विश्व हिंदू परिषद के एक नेता का कहना है कि शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरिफ़्तारी से हिंदुओं की आस्था को चोट लगी है. शंकराचार्य की गिरफ़्तारी के विरोध में मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी भी तीन दिन का विरोध प्रदर्शन कर रही है. धरने के दूसरे दिन पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने उपवास किया है. इसके तहत पहले दिन पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उपवास रखा था. शनिवार को दिल्ली में संसद भवन के पास सुषमा स्वराज और अरुण जेटली समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने उपवास में आडवाणी का साथ दिया. वरुण गाँधी भी इस मौक़े पर मौजूद थे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि धरना स्थल पर भीड़ तभी जमा हुई जब वहाँ प्रवचनकार बापू आसाराम आए. सोमवार को जसवंत सिंह उपवास करेंगे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी सोमवार को वहाँ रहेंगे. भाजपा नेताओं ने इस विरोध की शुरुआत राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर की थी. भाजपा का कहना था कि धार्मिक नेताओं की गिरफ़्तारी के लिए नए दिशा निर्देश जारी करना चाहिए. |
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