|
आडवाणी ने दिन भर का उपवास रखा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के मुख्य विपक्ष दल भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य की गिरफ़्तारी के विरोध में दिन भर का उपवास रखा. आडवाणी ने पार्टी के तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत उपवास किया. दिल्ली में संसद भवन के पास सुषमा स्वराज और अरुण जेटली समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने उपवास में आडवाणी का साथ दिया. वरुण गाँधी भी इस मौक़े पर मौजूद थे. रविवार को मुरली मनोहर जोशी उपवास रखेंगे, जबकि सोमवार को जसवंत सिंह. भाजपा अध्यक्ष ने शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरफ़्तारी को हिंदू धर्म पर हमला बताया है. भाजपा के राष्ट्रव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भी धरना पर बैठने की संभावना है. ज़मानत नहीं इस बीच मद्रास उच्च न्यायालय ने शनिवार को कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को ज़मानत देने से इनकार कर दिया है. उन्हें 11 नवंबर को हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने कहा कि उन्हें जांच के इस मोड़ पर ज़मानत नहीं दी जा सकती. हाईकोर्ट ने शंकराचार्य को पुलिस हिरासत में भेजे जाने के निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर फ़ैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रखा है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||