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'क़बायली क्षेत्र पर पाक सेना का नियंत्रण' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की सेना का कहना है कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान के क़बायली इलाक़ों पर उसका लगभग पूरा नियंत्रण हो गया है. अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटे क़बायली इलाक़ों में पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई के प्रमुख मेजर जनरल नियाज़ खट्टक ने कोहाट में पत्राकरों को बताया कि अल-क़ायदा के नेतृत्व और संचार व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि अल-क़ायदा अब दोबारा संगठित होकर सुरक्षा बल पर हमला नहीं कर सकेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि ओसामा बिन लादेन इस इलाक़े में मौजूद नहीं हैं और अगर कोई चरमपंथी बचे हैं तो उनकी संख्या 100 से भी कम होगी. इससे पहले पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भी कहा था पाकिस्तान में अल-क़ायदा लड़ाके छिपते फिर रहे हैं. साथ ही उन्होंने माना था कि ओसामा बिन लादेन की तलाश अब धीमी पड़ गई है. युद्ध क्षेत्र संवाददाताओं का कहना है दक्षिणी वज़ीरिस्तान एक युद्ध क्षेत्र से कम नहीं दिखता. दक्षिणी वज़ीरिस्तान में इस वर्ष मार्च के महीने में शुरू हुई इस कार्रवाई में अब तक सैंकड़ों लोग मारे गए है जिनमें से ज़्यादातर क़बायली और उनके परिवार है. जनरल खट्टक ने बताया कि इस कार्रवाई में अब तक क़रीब 200 सैनिक मारे गए हैं. उन्होंने कहा कि सैंकड़ों चरमपंथी हताहत भी हुए हैं मगर उन्होंने इस बारे में और जानकारी नहीं दी. सेना के प्रयासों के बावजूद इस इलाक़े में कोई प्रमुख अल-क़ायदा या तालिबान लड़ाका ग़िरफ़्तार नहीं हुआ है. उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि अक्तूबर में दो चीनी इंजिनीयरों के अपहर्ण के लिए ज़िम्मेदार क़बायली लड़के अदुल्लाह महसूद के साथ कोई समझौता हुआ था. |
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