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'अल क़ायदा के कई ठिकाने तबाह हुए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि सेना ने दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े में अल क़ायदा के कई ठिकानों को तबाह कर दिया है. सरकारी टीवी चैनल पर बोलते हुए मुशर्रफ़ ने कहा कि अल क़ायदा से जुड़े कई प्रमुख चरमपंथी नेता देश में और देश से बाहर भी छिपने का ठिकाना खोज रहे हैं. इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री फ़ैसल सालेह हयात ने जानकारी दी थी कि पाकिस्तान में पिछले महीने 63 इस्लामी चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया गया जिनमें से 12 विदेशी नागरिक थे. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर पहाड़ी इलाक़ों में ऐसे अनेक इस्लामी चरमपंथी अब भी छिपे हैं जिनका हाथ कई आत्मघाती हमलों और बम विस्फोटों में रहा है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि इन सैनिक कार्रवाइयों से पहले अल क़ायदा के विदेशी चरमपंथी स्थानीय इस्लामी तत्वों की मदद से हमले कर रहे थे. मुशर्रफ़ ने कहा कि अल क़ायदा के सरगनाओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई का मक़सद देश में चल रहे आतंकवाद की जड़ें काटना है.
उनका कहना था कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान में सैनिक कार्रवाई शुरू होने के बाद से अल क़ायदा के लड़ाके भागते फिर रहे हैं और सेना उनका ख़ात्मा करके ही दम लेगी. उन्होंने चरमपंथियों की गिरफ़्तारी के आंकड़े देकर यह साबित करने का प्रयास किया कि सेना का अभियान काफ़ी सफल रहा है. जिन लोगों को पिछले एक महीने के भीतर गिरफ़्तार किया गया है उनमें तंज़ानिया के नागरिक अहमद ख़फ़लान ग़ैलानी और पाकिस्तानी कंप्यूटर विशेषज्ञ नईम नूर ख़ान भी हैं. पाकिस्तान के गृह मंत्री फ़ैसल सालेह हयात ने कहा कि ग़िरफ्तार किए गए लोगों से काफ़ी अहम सूचनाएँ मिली हैं जिनके आधार पर देश में और बाहर भी कई गिरफ़्तारियाँ हुई हैं. गृह मंत्री का कहना है कि इनमें से कई लोग ऐसे थे जो अमरीका और ब्रिटेन में भी हमले करने की साज़िश कर रहे थे, लेकिन उन्होंने इससे अधिक विवरण देने से इनकार कर दिया. |
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