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वज़ीरिस्तान में 30 से ज़्यादा गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के दक्षिणी वज़ीरिस्तान में इस्लामी चरमपंथियों से संबंध रखने के आरोप में 30 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया गया है. इस इलाक़े में महीने भर से अधिकारियों और जनजातीय नेताओं के बीच बातचीत चल रही थी. अधिकारियों ने स्थानीय जनजातीय नेताओं को कहा था कि या तो इन विदेशी संदिग्ध चरमपंथियों को उन्हें सौंप दिया जाए या फिर इनका रजिस्ट्रेशन किया जाए. पाकिस्तान के अधिकारियों का मानना है कि अभी भी बड़ी संख्या में इस्लामी चरमपंथी इस इलाक़े में बने हुए हैं और पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान में गड़बड़ी फैला रहे हैं. इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि एक बार फिर ऐसा लग रहा है कि दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा बलों और तालेबान समर्थक चरमपंथियों के बीच संघर्ष छिड़ सकता है. चौकसी सेना और अर्धसैनिक बलों को पूरी तरह चौकस कर दिया गया है. वाना से ख़बर है कि आसपास के गाँवों में सैकड़ों जनजातीय लोगों ने घेराबंदी शुरू कर दी है. इस साल मार्च में अल क़ायदा और अन्य विदेशी चरमपंथियों को इलाक़े से निकालने की कोशिश में भारी लड़ाई छिड़ी थी और बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे.
बाद में सैनिक अधिकारियों ने जनजातीय नेताओं से बातचीत कर मसला सुलझाने की कोशिश की. लेकिन शुक्रवार को एक सरकारी प्रवक्ता ने दक्षिणी वज़ीरिस्तान के जनजातीय नेताओं पर आरोप लगाया कि वे उस इलाक़े में रह रहे विदेशी लोगों के रजिस्ट्रेशन पर अपने वादे से मुकर रहे हैं. उन्होंने उसी दिन यह संकेत दे दिया था कि इस कारण स्थानीय और विदेशी चरमपंथियों को आम माफ़ी देने की सरकारी पेशकश ख़त्म हो गई है. अधिकारियों का कहना है कि विदेशी चरमपंथियों के प्रति सहानुभूति रखने वाले कुछ जनजातीय नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि और लोगों को गिरफ़्तार करने के लिए कार्रवाई की जा रही है. लेकिन एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का कहना है कि उस इलाक़े में किसी भी सैनिक कार्रवाई की फ़िलहाल कोई योजना नहीं है. |
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