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शंकराचार्य की ज़मानत याचिका ख़ारिज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मद्रास हाईकोर्ट ने कांची पीठ के शंकराचार्य के जयेंद्र सरस्वती की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है. शंकराचार्य के वकीलों ने कांची पीठ के पूर्व कर्मचारी शंकर रमण की हत्या के साज़िश के मामले में ज़मानत के लिए यह याचिका दायर की थी. उनकी ओर से मठ के एक भक्त राधाकृष्ण पर जानलेवा हमले के मामले में भी ज़मानत के लिए आवेदन किया गया है जिस पर 10 दिसंबर को सुनवाई होनी है. उल्लेखनीय है कि शंकर रमण की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में शंकराचार्य को 11 नवंबर को गिरफ़्तार किया था और तब से वे वेल्लूर जेल में हैं. इस बीच सिर्फ़ तीन दिनों के लिए उन्हें पुलिस हिरासत मे रखने की अनुमति दी गई थी. बीबीसी के दक्षिण भारत संवाददाता सुनील रामन के अनुसार मद्रास हाईकोर्ट ने ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए कहा है कि यह हत्या की साजिश का मामला है और इस मामले में ज़मानत देने का अधिकार हाईकोर्ट को नहीं है. इसका मतलब यह है कि शंकराचार्य को ज़मानत के लिए अब सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ेगा हालांकि उनके वकीलों ने अभी यह नहीं कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं या नहीं. इससे पहले जब मद्रास हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की ज़मानत याचिका ख़ारिज की थी तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने से इंकार कर दिया था. |
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