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भूटान में लगा तंबाकू पर प्रतिबंध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भूटान में तंबाकू से बने उत्पादों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. बीड़ी, सिगरेट जैसे उत्पाद बेचने वाली दुकानों, रेस्तराँओं और होटलों से कहा गया है वे 17 दिसंबर तक अपना माल ख़त्म कर दें क्योंकि उसके बाद बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी. विदेशी पर्यटकों, कूटनयिकों और ग़ैर सरकारी संगठनों के विदेशी कर्मचारियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा लेकिन वे भी देश में कहीं से तंबाकू उत्पाद नहीं ख़रीद सकेंगे. भूटान दुनिया का पहला देश है जहाँ तंबाकू से बने उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, सरकार ने देश को धूम्रमुक्त देश बनाने का निर्णय लिया है. भूटानी मंत्री जिग्मे थिनले ने कहा, "हम प्रदूषण नहीं चाहते और हम चाहते हैं कि देश के लोग स्वस्थ रहें." कड़ी कार्रवाई भूटान के 20 राज्यों में से 18 में तंबाकू से बने उत्पादों पर पहले ही प्रतिबंध लागू है. भूटान के वाणिज्य और व्यापार मंत्रालय ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति, संगठन या कंपनी को तंबाकू के उत्पाद बेचते हुए पकड़ा गया तो उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. तंबाकू के उत्पाद बेचने वालों पर 210 डॉलर का जुर्माना होगा और दुकानों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. जो विदेशी नागरिक भूटानियों को तंबाकू के बने उत्पाद बेचते हुए पकड़े जाएँगे उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन पर तस्करी के अभियोग लगाए जाएँगे. भूटानी सीमा शुल्क के वरिष्ठ अधिकारी करमा शेरिंग ने बीबीसी को बताया, "तंबाकू को प्रतिबंधित सामग्री माना जाएगा और इसे बेचने की कोशिश करने वाले विदेशी नागरिक को तस्कर समझा जाएगा." भूटान की राजधानी थिम्पू में भारतीय सिगरेटों की कीमत इस ख़बर के आने के बाद दोगुनी हो गई है. |
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