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श्रीलंका में अवैध सिगरेट का बाज़ार गर्म
श्रीलंका में अवैध तरीक़े से बनी सिगरेटों की बिक्री इस दस गुना बढ़ गई है. सीलोन टोबैको कंपनी का कहना है कि इस कारण सरकार को एक अरब रूपए का नुक़सान उठाना पड़ रहा है. कंपनी के अनुसार ये अवैध सिगरेट चीन में बनाई जाती है जहाँ से इसे अपराधी गिरोह तस्करी कर श्रीलंका लाते हैं. श्रीलंका में सिगरेट पर लगनेवाला कर दुनिया में सबसे ज़्यादा है जो सिगरेट की रिटेल कीमत का 80 प्रतिशत होता है. तस्करी
दुनिया भर में हर साल 300 अरब नक़ली सिगरेट का कारोबार होता है जिनमें से एक तिहाई चीन में बनती हैं. सीलोन टोबैको कंपनी का कहना है कि ये सारा काम बेहद संगठित है और चुस्ती से होता है. अगर किसी कंपनी ने अपने पैकेट में कुछ बदलाव किया तो बस दो से तीन हफ़्तों के बीच ही चीन में नक़ली सिगरेट बन भी जाती है और श्रीलंका के बाज़ार में पहुँच भी जाती है. समझा जाता है कि ज़्यादातर नक़ली सिगरेट कंटेनरों में आती है. हाल ही में कराची में आलू के एक कंटेनर में सिगरेट मिले. दुबई से होनेवाली तस्करी में कराची एक महत्वपूर्ण ज़रिया समझा जाता है. नुक़सान नक़ली सिगरेटों के कारण श्रीलंका सरकार को काफ़ी घाटा उठाना पड़ रहा है. सरकार की कुल आय का 10 प्रतिशत हिस्सा तंबाकू उत्पादों से आता है. वैसे सिगरेट के कुल बाज़ार में से अवैध कारोबार बस तीन प्रतिशत बाज़ार में होता है मगर चिंता की बात ये है कि ये अवैध धंधा तेज़ी से फैलता जा रहा है. सिगरेट बनानेवाली कंपनियाँ पुलिस से इस सिलसिले में और कड़ाई बरतने का आग्रह कर रही हैं. |
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