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फारूक़ और उमर अब्दुल्ला बाल-बाल बचे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला एक बारूदी सुरंग के विस्फोट में बाल-बाल बच गए हैं. यह धमाका अनंतनाग ज़िले में हुआ जहाँ नेशनल कॉन्फ्रेंस के दोनों नेता एक शोकसभा में भाग लेने गए थे. अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में दो आम नागरिक घायल हो गए हैं. यह विस्फोट एक कब्रिस्तान के पास हुआ जहाँ नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अपने दिवगंत साथी सफ़दर बेग की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने गए थे. पिछले सप्ताह गुरूवार को बेग की हत्या संदिग्ध चरमपंथियों ने गोली मारकर कर दी थी. एक महीने से कम समय में अब्दुल्ला परिवार के सदस्यों पर यह दूसरा हमला है. कुछ ही दिन पहले संदिग्ध चरमपंथियों ने उनके काफ़िले पर गोलियाँ चलाई थीं लेकिन वे बच निकले थे. अनंतनाग से लौटने के बाद श्रीनगर में उमर अब्दुल्ला ने एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह उन्हें पर्याप्त सुरक्षा देने में नाकाम रही है. उमर अब्दुल्ला ने कहा, "राज्य सरकार को पता था कि हम कब्रिस्तान जाने वाले हैं लेकिन उन्होंने वहाँ अच्छी तरह से सुरक्षा जाँच नहीं की वर्ना बारूदी सुरंग का पता पहले ही लग जाता." उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि राज्य के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद चाहते हैं कि विपक्ष के लोग मारे जाएँ, उनका सफ़ाया हो जाए. साथ ही, उन्होंने माँग की कि इस हमले की केंद्रीय जाँच ब्यूरो से छानबीन कराई जाए. |
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