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बे शिविर से ज़्यादातर पाकिस्तानी रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा है कि क्यूबा में अमरीकी सैनिक अड्डे ग्वांतनामो बे में रखे गए लगभग सभी पाकिस्तानियों को रिहा कर दिया गया है और वे स्वदेश लौट आए हैं. क़रीब 34 ऐसे बंदियों का दल ग्वांतनामो बे शिविर से शनिवार को पाकिस्तान पहुँचा. अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों पाकिस्तान पहुँचने पर हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि इन लोगों की रिहाई अमरीका के साथ लगातार कोशिशों की बदौलत हो सकी है. ख़तरा नहीं ग्वांतनामो बे शिविर में अब भी पाँच या छह ऐसे बंदी हैं जिन्हें अमरीका ने ग़ैरक़ानूनी लड़ाके क़रार दिया और उनके भविष्य के बारे में अभी कुछ पता नहीं है कि उनके साथ क्या सलूक किया जाएगा. पाकिस्तान से सैकड़ों लोग तालेबान के साथ सहयोग के लिए 1990 में अफ़ग़ानिस्तान गए थे जो 2001 में अमरीकी गठबंधन वाली सेनाओं के ख़िलाफ़ लड़े. इस लड़ाई में जो लोग ज़िंदा बचे उन्हें पकड़ लिया गया और उनमें से कुछ को उत्तरी गठबंधन ने अमरीकियों को सौंप दिया और कुछ को अफ़ग़ान सरदारों ने ही पकड़े रखा. इस महीने के शुरू में अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ एक समझौते के बाद क़रीब साढ़े तीन सौ बंदियों को रिहा किया था. ग्वांतनामो बे शिविर से इस साल के आरंभ में रिहा किए गए कुछ बंदियों ने अमरीकियों के हाथों दुर्व्यवहार की शिकायतें की थीं. पाकिस्तान लगातार यह कहता आया है कि ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए बंदियों से कोई ख़तरा नहीं है और उन्हें कुछ कट्टरपंथी मज़हबी नेताओं ने जेहाद में शामिल होने के लिए बहकाया था. |
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