|
'ग्वांतानामो क़ैदियों के लिए अदालतें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन का कहना है कि ग्वांतानामों बे की जेल में रखे गए क़ैदियों की स्थिति पर पुनर्विचार के लिए अदालतें अगले सप्ताह से काम शुरु कर सकती हैं. पेंटागन के अधिकारियों के अनुसार सभी 600 क़ैदियों को उनके अधिकारों के बारे में सूचित कर दिया गया है. हाल में अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया था कि यदि क़ैदी चाहें तो अमरीकी क़ानून के तहत और अमरीकी अदालतों में भी, वे ख़ुद को बंदी बनाए जाने के ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं. पेंटागन के अनुसार अब पुनर्विचार के लिए अदालतों का खठन होगा जो फ़ैसला करेंगी कि क्या उन लोगों को बंदी बनाकर रखना क़ानून का उल्लंघन है? ये भी कहा गया है कि इसके बाद क़ैदियों को रिहा किया जा सकता है. लेकिन क़ैदियों के वक़ील और मानवाधिकार संगठन का कहना है कि इन अदालतों का गठन पर्याप्त नहीं है और क़ैदियों को नागरिक क़ानून प्रक्रिया से वंचित रखा जाएगा. ये कदम इराक़ की अबू ग़रेब जेल में क़ैदियों के साथ हुए दुर्व्यवहार की ख़बरों के बाद उठाए जा रहे हैं. पेंटागन ने एक विशेष दफ़्तर भी शुरु किया है जो रक्षा मंत्रालय के अधीन रखे जा रहे विदेशी बंदियों के बारे में कामकाज को देखेगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||