BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 13 फ़रवरी, 2004 को 20:56 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ग्वांतानामो के क़ैदियों को नए अधिकार
ग्वांतानामो की जेल
ग्वांतानामो में क़रीब 650 लोग क़ैद हैं
अमरीका ने घोषणा की है कि ग्वांतानामो की जेल में क़ैद लोगों के मामले की साल में एक बार समीक्षा की जाएगी.

यह घोषणा अमरीका के रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड ने की. उन्होंने बताया की समीक्षा तीन सदस्यीय एक आयोग करेगा.

यह आयोग क़ैदियों के बारे में यह तय करेगा कि वे अमरीका के लिए अभी भी ख़तरा हैं या नहीं.

अल क़ायदा और तालेबान से कथित रूप से संबंध रखने के आरोप में ग्वांतानामो जेल में क़रीब 650 लोग क़ैद हैं.

उधर ग्वांतानामो जेल में रखा गया स्पेन का एक नागरिक वापस अपने देश लौट गया है जहाँ उस पर अल क़ायदा से कथित संबंध होने के आरोप में मुकदमा चलाया जाएगा.

क़ानून

अमरीकी रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन लोगों को जब तक ज़रूरी समझा जाएगा वहाँ रखा जाएगा.

 हमें अपने दिमाग में यह बात रखनी पड़ेगी कि जो लोग वहाँ क़ैद हैं उन्हें वहाँ इसलिए नहीं रखा गया है कि उन्होंने कोई कार चुराई है या फिर किसी बैंक में डकैती डाली है
डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड

उन्होंने कहा, "हमें अपने दिमाग में यह बात रखनी पड़ेगी कि जो लोग वहाँ क़ैद हैं उन्हें वहाँ इसलिए नहीं रखा गया है कि उन्होंने कोई कार चुराई है या फिर किसी बैंक में डकैती डाली है."

रम्सफ़ेल्ड ने कहा कि ये लोग 'आतंकवादी' हैं, जिन्हें अमरीका के ख़िलाफ़ गतिविधियों के लिए क़ैद किया गया है और इसलिए इन लोगों पर दूसरी तरह के क़ानून लागू करने ही होंगे.

मानवाधिकार संगठनों और कई देशों ने वहाँ क़ैदियों की दशा पर चिंता जताई और इस बात पर सवाल उठाए हैं कि लोगों पर मुक़दमा सही ढंग से नहीं चलाया जा रहा है और न ही उन्हें वकील ही रखने दिया जा रहा है.

अमरीका ज़ोर देता रहा है कि ये लोग युद्धबंदी नहीं हैं और उन पर सैनिक अदालत में मुक़दमा चलाया जा सकता है.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय तक लोगों को क़ैद रखने के पीछे मंशा ख़ुफ़िया जानकारी इकट्ठा करना है.

अधिकारियों का यह भी कहना है कि क़ैदियों से मिली सूचनाओं के आधार पर दुनिया के कई हिस्सों से महत्वपूर्ण गिरफ़्तारियाँ हुई हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>