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ग्वांतानामो बंदियों की अपील अदालत में
अमरीका का सुप्रीम कोर्ट क्यूबा में अमरीकी सैन्य शिविर ग्वांतानामो बे में रखे गए बंदियों की अपीलों पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. यह पहला मौक़ा है कि जब अदालत इस बात जायज़ा लेगी कि इन बंदियों की ओर से दायर की गई याचिकाओं पर अमरीकी अदालतों को विचार करने का अधिकार है या नहीं. यह अपीलें सोलह बंदियों की ओर से उनके वकीलों ने दायर की हैं. इन बंदियों में ब्रितानी, कुवैती और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक शामिल हैं और उनका कहना है कि उन्हें ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से बंदी बनाया गया है. वॉशिंगटन में बीबीसी संवाददाता रॉब वॉटसन का कहना है कि अदालत की समीक्षा बहुत सीमित रहेगी.
मिसाल के तौर पर जज इस बात पर विचार नहीं करेंगे कि ये बंदी दोषी हैं या निर्दोष. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि विचार इस बात पर किया जाएगा कि बंदियों को हिरासत में रखना क्या अमरीकी क़ानूनी व्यवस्था के दायरे में आता है. बुश प्रशासन का कहना है कि बंदी अमरीकी नागरिक नहीं हैं और न ही वे अमरीका की भूमि पर हैं इसलिए उन पर युद्धबंदियों के लिए बने क़ानून लागू नहीं होते हैं. बंदियों के वकीलों की मांग है कि इन बंदियों के ख़िलाफ़ या तो जल्द से जल्द कोई अपराध दायर किए जाएँ या फिर उन्हें रिहा किया जाए. इसके अलावा उन्हें क़ानूनी सहायता पाने और अपने परिवार से मिलने का भी अधिकार होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट इस बारे में अपील सुनने को राज़ी हो गया है जिसे बंदियों के वकीलों की एक बड़ी जीत बताया जा रहा है. |
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