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बिलकीस मामले की सुनवाई शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के बिलकीस बलात्कार कांड की सुनवाई मुंबई की एक अदालत में शुरू हो गई है. गुजरात के रजिस्ट्रार जनरल ने इस मुक़दमे से संबंधित सभी दस्तावेज़ मुंबई की अदालत को सौंप दिए. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मुक़दमे की सुनवाई गुजरात के बजाय महाराष्ट्र में हो रही है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बेस्ट बेकरी आगज़नी काँड की सुनवाई भी महाराष्ट्र में कराने के आदेश दिए थे और वह सुनवाई भी मुंबई की एक अदालत में चल रही है. गुजरात में दंगे के दौरान बिलकीस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार के इस मामले की अगली सुनवाई अब 15 सितंबर को होगी. इस समय इस कांड के अभियुक्त मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं और गुरूवार की सुनवाई के लिए उन्हें अदालत नहीं लाया गया था. इस मामले की सुनवाई के लिए मझगाँव में एक विशेष अदालत बनाई गई है, इसी अदालत में गुजरात के बेस्ट बेकरी कांड की भी सुनवाई होगी.
मुंबई हाइकोर्ट ने अतिरिक्त सेशन जज यूडी साल्वी को इस मुक़दमे की सुनवाई के लिए जज नियुक्त किया गया है. साल्वी की नियुक्ति महाराष्ट्र के मुख्य न्यायाधीश डीएस भंडारी ने की है, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले को गुजरात से महाराष्ट्र भेजा गया है. इस मामले के सभी 20 अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में मुंबई में रखा गया है जिनमें दो पुलिस उप अधीक्षक, चार सिपाही और एक डॉक्टर दंपति भी शामिल हैं. भारतीय जनता के पार्टी के दाहोद इलाक़े के दो नेता भी अभियुक्तों में हैं. क़ानूनी विवाद कई मानवाधिकार संगठनों ने आशंका जताई थी कि इस मामले की सुनवाई अगर गुजरात में हुई तो बिलकीस को न्याय नहीं मिल पाएगा. गुजरात पुलिस के अधिकारियों के अभियुक्त बनाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले की तहकीक़ात का आदेश दे दिया था. सीबीआई ने इस मामले में मारे गए पाँच लोगों के शव बरामद किए और अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया, सीबीआई का कहना है कि गुजरात पुलिस के लोगों ने शवों को जल्दी गलाने के लिए उन पर 60 किलो नमक डाल दिया था. दो वर्ष पहले मार्च महीने में छह महीने की गर्भवती बिलकीस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और उनके 14 रिश्तेदारों की हत्या कर दी गई थी. |
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