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बेकरी मामले में गिरफ़्तारी के आदेश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने बेस्ट बेकरी हत्याकाँड मामले के 21 में से 11 अभियुक्तों को तुरंत गिरफ़्तार करने का आदेश दिया है. अदालत ने सोमवार इन अभियुक्तों के ख़िलाफ़ ग़ैरज़मानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को इन्हें तुरंत गिरफ़्तार करने के आदेश दिए. लेकिन मामले की सुनवाई एक बार फिर टाल दी गई क्योंकि अब भी सरकारी वकील की नियुक्ति नहीं हुई है और इस मुद्दे पर मामले की सुनवाई कई बार टल चुकी है. गुजरात और महाराष्ट्र सरकार में इस बात को लेकर रस्साकशी चल रही है कि इस मामले में सरकारी वकील की नियुक्ति करने का अधिकार किसे है. दोनों सरकारों ने अपने-अपने सरकारी वकील नियुक्त कर दिए हैं जिसकी वजह से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है और इसी वजह से सोमवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी. अब मामले की अगली सुनवाई नौ अगस्त को होगी और विशेष अदालत ने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय से निर्देश माँगे हैं. गुजरात में मार्च 2002 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान बड़ोदरा शहर की बेस्ट बेकरी में आग लगा दी गई थी जिसमें वहाँ मौजूद सभी 14 लोग ज़िंदा जल गए थे. विवाद और भ्रम विवाद तब से ज़्यादा बढ़ा जब सर्वोच्च न्यायालय ने बेस्ट बेकरी मामले की मुख्य गवाह ज़ाहिरा शेख़ की अपील पर सुनवाई गुजरात के बजाय महाराष्ट्र में कराने के निर्देश दिए.
मामले की सुनवाई महाराष्ट्र में शुरू कराने के लिए दोनों सरकारों ने अपने-अपने वकीलों की टीमें नियुक्त कर दीं जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश में यह साफ़ नहीं था कि सुनवाई में किस राज्य के वकील प्रतिनिधित्व करेंगे. सोमवार को सुनवाई इसलिए भी नहीं हो सकी क्योंकि गुजरात 21 में से 11 अभियुक्तों को अदालत में पेश नहीं कर सकी. अदालत ने पाँच जुलाई को आदेश दिया था कि अगर उन 11 अभियुक्तों ने 32 दिन के अंदर अदालत में समर्पण नहीं किया तो उनकी संपत्ति ज़ब्त कर ली जाएगी. सोमवार, 19 जुलाई को विशेष अदालत ने मुंबई पुलिस को इन 11 अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया. |
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