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बेस्ट बेकरी के दो अभियुक्त गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात में पुलिस ने बेस्ट बेकरी हत्याकाँड में दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है. इन पर आरोप है कि वे मार्च 2002 में हुए बेस्ट बेकरी अग्निकांड में शामिल थे जिसमें 14 लोगों को ज़िंदा जला दिया गया था. बड़ोदा की एक अदालत ने गुरूवार को इस मामले में 21 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ ग़ैरज़मानती वारंट जारी किए जिसके बाद इन दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है. बाक़ी 19 अभियुक्त अभी फ़रार हैं. बड़ोदा के पुलिस आयुक्त सुधीर सिन्हा ने बीबीसी को बताया, "फ़रार अभियुक्तों के परिवारों और रिश्तेदारों ने बताया है कि वे लोग सर्वोच्च न्यायालय के हाल के आदेश के बाद घर छोड़कर चले गए हैं." ग़ौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने न सिर्फ़ बेस्ट बेकरी का मामले की फिर से सुनवाई के आदेश दिए हैं बल्कि यह सुनवाई गुजरात से बाहर महाराष्ट्र में कराने के भी आदेश दिए हैं. गुजरात सरकार ने इस मामले की सुनवाई गुजरात से बाहर कराने के आदेश पर ऐतराज़ जताया है और इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है. तूल पकड़ा बेस्ट बेकरी मामले ने तब तूल पकड़ा था जब पिछले साल 27 जून को इस मामले के सभी 21 अभियुक्तों को एक निचली अदालत ने बरी कर दिया था. इस मामले की प्रमुख गवाह ज़ाहिरा शेख़ सहित अनेक गवाहों ने अदालत में अपने बयान बदल दिए थे और कहा था कि वे उन अभियुक्तों को नहीं पहचानते. अभियुक्तों को बरी किए जाने के बाद ज़ाहिरा शेख़ ने बयान दिया था कि उन्हें और अन्य अभियुक्तों को जान से मारने की धमकियाँ दी गईं जिसकी वजह से उन्होंने अदालत में अपने बयान बदले थे. तब भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और एक ग़ैरसरकारी संगठन यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में ले गए थे. |
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