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बेस्ट बेकरी मामले में अपील ख़ारिज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सुप्रीम कोर्ट ने बेस्ट बेकरी मामले में गुजरात सरकार की अपील ख़ारिज कर दी है. गुजरात सरकार ने बेस्ट बेकरी मामले की सुनवाई गुजरात से बाहर कराने के सुप्रीम कोर्ट के ही एक फ़ैसले पर फिर से विचार करने की अपील की थी. वर्ष 2002 में गुजरात दंगों के दौरान बेस्ट बेकरी हत्याकांड में 14 लोगों को ज़िंदा जला दिया गया था. इस मामले में 21 अभियुक्तों को बरी किए जाने के ख़िलाफ़ अपील पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की नए सिरे से महाराष्ट्र में सुनवाई कराने का आदेश दिया था. राज्य सरकार ने अपनी अपील में मामले को दूसरे राज्य में भेजने के बारे में सुप्रीम कोर्ट के अधिकार पर भी सवाल उठाए थे. राज्य सरकार को इस पर भी आपत्ति थी कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला देते समय राज्य सरकार के ख़िलाफ़ भी कुछ टिप्पणी की थी. सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में नए सिरे से सुनवाई कराने के आदेश के बाद दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है लेकिन बाक़ी लोग फ़रार हैं. मामला बेस्ट बेकरी मामले ने तब तूल पकड़ा था जब पिछले साल 27 जून को इस मामले के सभी 21 अभियुक्तों को एक निचली अदालत ने बरी कर दिया था.
इस मामले की प्रमुख गवाह ज़ाहिरा शेख़ सहित अनेक गवाहों ने अदालत में अपने बयान बदल दिए थे और कहा था कि वे उन अभियुक्तों को नहीं पहचानते. अभियुक्तों को बरी किए जाने के बाद ज़ाहिरा शेख़ ने बयान दिया था कि उन्हें और अन्य अभियुक्तों को जान से मारने की धमकियाँ दी गईं जिसकी वजह से उन्होंने अदालत में अपने बयान बदले थे. तब भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और एक ग़ैरसरकारी संगठन यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में ले गए थे. |
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