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विस्फोट के बाद काबुल में 'हाई अलर्ट' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में अमरीकी सुरक्षा कंपनी डाइनकोर की इमारत के बाहर रविवार को हुए बम विस्फोट के बाद वहाँ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. सभी दूतावासों और विदेशी सहायता से चलने वाले संगठनों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे फ़िलहाल काबुल न जाएँ. इस शक्तिशाली बम विस्फोट में सात लोग मारे गए थे. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि वे इस हादसे से ख़ुद को आहत महसूस कर रहे हैं. अमरीकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को हिदायत दी है कि वे किसी भी सरकारी या विदेशी संस्थाओं की इमारतों में न जाएँ और ऐसी जगह न जाएँ जहाँ पश्चिमी देशों के नागरिक इकट्ठे हों. जिस सुरक्षा कंपनी के कार्यालय के बाहर ये धमाका हुआ था वह राष्ट्रपति हामिद करज़ई की भी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभाल रही है और अफ़ग़ान पुलिस को प्रशिक्षित करने का भी. रविवार को हुए विस्फोट के लिए एक ऐसी संस्था ने ज़िम्मेदारी ली है जो दावा करती है कि वह तालेबान प्रशासन का हिस्सा रह चुकी है. काबुल में हुए इस शक्तिशाली विस्फोट में मारे गए लोगों में दो अमरीकी, दो अफ़ग़ान और दो नेपाली हैं. अफ़ग़ानिस्तान की सरकार के अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि अक्तूबर में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनावों से पहले धमाके हो सकते हैं. |
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