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अफ़गानिस्तान: सहायताकर्मी मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के पश्चिमोत्तर इलाक़ों में घात लगाकर हुए एक हमले में तीन विदेशी सहायताकर्मी और दो अफ़ग़ान नागरिक मारे गए हैं. ये हमला राजधानी काबुल से लगभग साढ़े पाँच सौ किलोमीटर पश्चिम में बदग़ीस प्रांत के ख़ैर ख़ाना गाँव में हुआ. मारे गए सभी व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठन 'मेडिसिन्स सैन्स फ़्रंटियर्स' के कर्मचारी थे और उस क्षेत्र में एक क्लीनिक स्थापित कर रहे थे. अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व शासक वर्ग तालेबान का कहना है कि ये हमला उसी ने किया है. पाकिस्तानी शहर पेशावर में तालेबान के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनका संगठन ही इस हमले के लिए ज़िम्मेदार है. सुरक्षा विशेषज्ञ ये बात मान रहे हैं कि अभी तक तो तालेबान अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण और पूर्व में ही सक्रिय थे मगर अब उनकी पहुँच पश्चिमोत्तर तक हो रही है. मारे गए विदेशियों में बेल्जियम की एक महिला के अलावा हॉलैंड और नॉर्वे के नागरिक थे. उनके अलावा जो अफ़ग़ान मारे गए वे वाहन चालक और स्थानीय अनुवादक थे. बदग़ीस प्रांत के पुलिस प्रमुख आमिर शाह नायबज़ादा का कहना है कि जैसे ही इन लोगों ने बुधवार दोपहर को ऑफ़िस छोड़ा वैसे ही हमलावरों ने गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं. माना जा रहा है कि ये हमले देश में सरकार के पुनर्निर्माण के प्रयासों को कम करके दिखाने की कोशिश है. संवाददाताओं का कहना है कि देश में सितंबर में आम चुनाव होने हैं मगर इन हालात में इन चुनाव पर भी सवालिया निशान लग गए हैं. |
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