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अफ़ग़ानिस्तान में दो ब्रितानी मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी हिस्से में हुए हमले में दो ब्रितानी और उनका एक अफ़ग़ान दुभाषिया मारा गया है. अफ़ग़ान अधिकारियों के अनुसार ये लोग सितंबर में होने वाले आम चुनाव के लिए संयुक्त राष्ट्र की तैयारियों में मदद दे रहे थे. ये हमले मंगलवार को नूरिस्तान क्षेत्र के मांडोल ज़िले में हुए जो कि राजधानी काबुल से 200 किलोमीटर पूर्व में है. देश के कई हिस्सों में हिंसा की वजह से चुनाव की तैयारियों पर असर पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता मैनुएल डि एलमेडा इ सिल्वा ने बताया कि मारे गए लोग ब्रिटेन की ग्लोबल रिस्क स्ट्रेटेजीज़ कंपनी के थे. उन्होंने मारे जाने वालों के नाम बताने से इनकार किया और कहा कि पहले मारे जाने वालों के परिवारों को सूचित करना ज़रूरी है. अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने काबुल में एक बयान जारी करके इन हत्याओं की निंदा की और मारे गए लोगों के परिजनों के साथ संवेदना व्यक्त की. अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता लितफ़ुला माशल ने कहा कि ये शव सैनिकों को मांडोल गाँव में मिले. काबुल में मौजूद बीबीसी के एंड्रयू नॉर्थ का कहना है कि गृह मंत्रालय इन हमलों की ज़िम्मेदारी तालेबान या हिज़्ब-ए- इस्लामी के गुलबुद्दीन गुट पर डाल रहा है. |
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