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पाकिस्तान में चरमपंथियों पर इनाम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने छह संदिग्ध अल क़ायदा सदस्यों की सूचना देने पर कुल मिलाकर दस लाख डॉलर यानी कोई पाँच करोड़ रूपए से अधिक का इनाम देने की घोषणा की है. पाकिस्तान के 'मोस्ट वांटेड' यानी जिनकी सबसे अधिक तलाश है उन लोगों की यह सूची दो बड़े अख़बारों प्रकाशित हुई है. अबू फराज अल लिब्बी और अमजद हुसैन दोनों के सर पर 20-20 लाख रुपयों का इनाम रखा गया है. शक है कि इन दोनों ने ही पिछले दिसंबर में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर दो बार जानलेवा हमले का षडयंत्र रचा था. पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि सरकार मानती है कि फ़राज लीबिया के रहने वाले हैं और अल क़ायदा में ओसामा बिन लादेन और अल ज़वाहिरी के बाद तीसरे नंबर पर हैं. अभियान का हिस्सा अधिकारी का कहना था कि फ़राज जिन्हें डॉ तौफ़ीक के नाम से भी जाना जाता है, ने शेख मोहम्मद की जगह ली है जिन्हें पिछले साल पाकिस्तान में गिरफ़्तार किया गया था. उन्होंने कहा, "फ़राज अपने मिस्र के सहयोगी अबू हमज़ा राबिया के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय क्रियाकलापों को संचालित करते हैं." फ़राज के अलावा जिन लोगों के नाम सूची में हैं वो सभी पाकिस्तानी हैं. अमजद हुसैन उर्फ़ अमजद फ़ारूक़ी पर जनवरी 2002 में अमरीकी पत्रकार डेनियल पर्ल का अपहरण कर उसकी हत्या करने का भी आरोप है. बीबीसी संवाददाता जफ़र अब्बास का कहना है कि शेष लोग दो चरमपंथी इस्लामिक संगठनों के सदस्य हैं. माना जाता है कि इन दोनों संगठनों का अल क़ायदा से संबंध है. उनका कहना है कि इन सब पर देश के भीतर बम विस्फोटों में शामिल होने का शक है. पाकिस्तान सरकार पिछले महीनों में अल क़ायदा के 60 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है. इनाम की घोषणा इसी प्रक्रिया की कड़ी मानी जा रही है. पाकिस्तान को एक बड़ी सफलता जुलाई में मिली थी जब अल क़ायदा के संचार विशेषज्ञ नईम नूर ख़ान को गिरफ़्तार किया गया था. |
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