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गुरुवार, 27 मई, 2004 को 06:48 GMT तक के समाचार
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हमलों में कुछ सैनिकों का हाथ:मुशर्रफ़
परवेज़ मुशर्रफ़
मुशर्रफ़ ने पहली बार यह बात कही है
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि उनकी जान को अब भी ख़तरा है लेकिन वे पाकिस्तान में दहशत फैलाने वाले लोगों का मुक़ाबला करते रहेंगे.

उन्होंने कहा कि पिछले साल दिसंबर में उन पर हुए जानलेवा हमलों में कुछ सैनिक अधिकारी भी शामिल थे.

परवेज़ मुशर्रफ़ ने पाकिस्तान के जियो टेलीविज़न चैनल को दिए एक इंटरव्यू में ये कहते हुए बताया कि उन पर हुए हमलों में पाकिस्तानी सेना और वायु सेना के कुछ जूनियर अधिकारियों का हाथ था.

उन्होंने कहा कि पिछले साल दिसंबर में उन पर हुए हमलों के सिलसिले में सेना और वायु सेना के कुछ जूनियर अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

हालाँकि उन्होंने कहा कि हमलों के कुछ सरगना अब भी फ़रार हैं और उनकी तलाश की जा रही है.

ग़ौरतलब है कि जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ पर पिछले साल दिसंबर में दो बार जानलेवा हमले किए गए थे और उनमें कई हमलावर मारे गए थे.

जनरल मुशर्रफ़ उन हमलों में बाल-बाल बच गए थे. उनमें से एक आत्मघाती हमले में तो 15 लोग मारे गए थे और 46 घायल हो गए थे.

लालच और मज़हबी जुनून
 कुछ ऐसे लोग हैं जो मज़हबी चरमपंथियों के कहने पर गुमराह हैं और कुछ ऐसे लोग हैं जो यह सब धन कमाने के लालच में करते हैं.
परवेज़ मुशर्रफ़

जियो टेलीविज़न की वेबसाइट पर छपी ख़बर में परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि गिरफ़्तार अधिकारियों पर जल्दी ही खुली अदालत में मुक़दमा चलाया जाएगा.

इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता ने कहा है कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने उन अधिकारियों का विवरण तो नहीं दिया लेकिन मुक़दमा फौजी अदालत में चलेगा लेकिन कार्यवाही को खुला रखा जाएगा.

कौन लोग हैं

वेबसाइट के मुताबिक़ परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि चरमपंथी हमलों में दो तरह के लोग शामिल रहते हैं.

"कुछ ऐसे लोग हैं जो मज़हबी चरमपंथियों के कहने पर गुमराह हैं और कुछ ऐसे लोग हैं जो यह सब धन कमाने के लालच में करते हैं."

परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए सरकारी ताक़त की ज़रूरत तो है ही साथ ही "ऐसी गतिविधियों में शामिल होने वाले लोगों को समझाने-बुझाने के लिए सामाजिक स्तर पर भी क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है."

सैन्य अधिकारियों के साथ मुशर्रफ़
मुशर्रफ़ को सैनिकों पर ही शक

परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने जो क़दम उठाए उनसे वह संतुष्ट हैं और हमलों में शामिल लोगों को उन एजेंसियों की तेज़ कार्रवाई की बदौलत ही गिरफ़्तार कर लिया गया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह पहला मौक़ा है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने ख़ुद पर हुए हमलों में सेना के कुछ अधिकारियों का हाथ होने की बात कही है.

इससे पहले क़बायली इलाक़ों में छिपे विदेशियों पर ही इन हमलों में शामिल होने का शक जताया जाता रहा है.

इसी साल मार्च में ही परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा था कि उन पर हुए हमलों में अल क़ायदा से संबंध रखने वाला एक लीबियाई व्यक्ति शामिल है.

परवेज़ मुशर्रफ़ ने उस लीबियाई व्यक्ति का नाम तो नहीं बताया था लेकिन यह ज़रूर कहा था कि उस व्यक्ति ने उन पर हुए हमलों के लिए चरमपंथियों को 15 से 20 लाख रूपए की रक़म दी थी.

मुशर्रफ़ ने कहा कि उस लीबियाई व्यक्ति के संपर्क सूत्र को गिरफ़्तार कर लिया गया है और ख़ुद उसे भी जल्दी ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.

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