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'अत्याधुनिक बमों का इस्तेमाल हुआ था'
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के क़ाफ़िले पर रविवार को विफल हुए हमले में जिन बमों का इस्तेमाल किया गया था उन्हें लेकर अधिकारी हैरत में हैं. सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद का कहना है कि ये अत्याधुनिक बम थे और पाकिस्तान में पहले कभी इस तरह के हथियार नहीं देखे गए. ये बम रावलपिंडी के एक पुल पर राष्ट्रपति का क़ाफ़िला गुज़रने के कुछ क्षण बाद ही फटे थे. पुलिस ने इस बारे में कई लोगों से पूछताछ की है हालाँकि कोई गिरफ़्तारी नहीं की गई है. शेख़ रशीद ने कहा कि जिन लोगों ने इस बम-हमले की योजना बनाई थी उन्हें इस क्षेत्र में, लगता है महारत हासिल थी.
लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि ये उपकरण कहाँ से आए होंगे या किसने इनका इस्तेमाल किया होगा. उन्होंने कहा कि इन विस्फोटों की जाँच में अभी और कोई प्रगति नहीं हुई है. रविवार के इन विस्फोटों के बाद राष्ट्रपति की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने 2002 में जबसे चरमपंथियों की धरपकड़ का अभियान शुरू किया है तबसे उनके ऊपर ये दूसरा हमले का प्रयास था. |
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