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भारत-पाक सचिव स्तर की बातचीत शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत-पाकिस्तान के बीच चरमपंथ और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने जैसे गंभीर मुद्दों पर सचिव स्तर की दो दिवसीय बातचीत शुरू हो गई है. राजधानी इस्लामाबाद में हो रही इस बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह सचिव धीरेंद्र सिंह और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहाँ के गृह सचिव तारिक़ महमूद कर रहे हैं. इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास के अनुसार दोनों देशों के बीच गृह सचिव स्तर की बातचीत का ये पहला सत्र है. इससे पहले दोनों देशों के बीच ये तय हुआ था कि गंभीर मुद्दों पर अलग से बातचीत होनी चाहिए और उनसे जुड़े मतभेदों को ख़त्म करने की कोशिश की जाए. मुद्दा पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने सोमवार को इस्लामाबाद में पत्रकारों के सामने कहा कि बातचीत में गंभीर मुद्दा होगा आतंकवाद की परिभाषा तय करना, जिसे लेकर दोनों देशों में काफी विवाद रहा है, लेकिन इस बातचीत में मतभेदों पर ज़्यादा चर्चा के आसार नहीं है. ग़ौरतलब है कि कश्मीर विवाद के संदर्भ में आतंकवाद की परिभाषा पर भारत और पाकिस्तान दोनों के ही अलग-अलग विचार रहे हैं. भारत जिसे आतंकवाद मानता है, पाकिस्तान उसे कश्मीर की आज़ादी की लड़ाई कहता है. नशीले पदार्थों की तस्करी पर होने वाली बातचीत में ज़्यादा ज़ोर भारत से सहयोग लेने पर रहेगा क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों सहित भारत और पाकिस्तान की एजेंसियों का ये अनुमान है कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के क़बाइली इलाक़ों में अफ़ीम से बनने वाली हेरोइन के लिए एक ख़ास रसायन भारत से मंगवाया जाता है. दोनों देश इस पर रोक लगाना चाहते हैं जिससे अफ़ीम और हेरोइन की तस्करी को असरदार तरीक़े से रोका जा सके. |
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