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सर क्रीक विवाद पर चर्चा जारी रहेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच सहमति हुई है कि सर क्रीक के इलाक़े में अंतरराष्ट्रीय सीमा खींचने के विवाद पर बातचीत आगे जारी रखी जाए. दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली में हुई चर्चा के बाद यह सहमति बनी है. सर क्रीक भारत के पश्चिमी प्रदेश गुजरात और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच का वह इलाक़ा है जहाँ पानी है. इससे पहले दोनों देशों के बीच सियाचिन और सांस्कृतिक मुद्दों पर बात जारी रखने की सहमति बन चुकी है. सभी विषयों पर जो बातचीत हो रही है इसकी सितंबर में होने वाली विदेश सचिव स्तर की बातचीत में समीक्षा होगी. सर क्रीक पर हुई बातचीत के बाद भारत के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद पर विस्तार से बात हुई. प्रवक्ता ने कहा कि दोस्ताना माहौल में हुई इस बातचीत में दोनों पक्षों ने महसूस किया कि इस विवाद का हल दोनों देशों के हक़ में है. भारतीय दल का नेतृत्व महासर्वेक्षक पृथ्विश नाग ने किया जबकि पाकिस्तानी की ओर से रियर एडमिरल अहसानुल हक़ ने बातचीत की. सर क्रीक विवाद सर क्रीक दोनों देशों के बीच 60 किलोमीटर की ऐसी जगह है जो पानी के कटाव के कारण बना है और यहाँ ज्वार भाटे के कारण यह तय नहीं होता कि कितने हिस्से में पानी रहेगा और कितने में नहीं. दूसरे शब्दों में कहें कि यह दोनों देशों के बीच अस्थिर सी सीमा है. सर क्रीक की विवादित सीमा दोनों देशों के मछुआरों के लिए भी मुसीबत का सबब है. इस इलाक़े का सामरिक महत्व भी है और आर्थिक भी पर. हालांकि सर क्रीक के पास कोई बड़ी आबादी नहीं है. इस मुद्दे पर 1992 तक छह दौर की वार्ता हो चुकी है पर कोई ख़ास प्रगति नहीं हुई है. |
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