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अमरीका ने और क़दम उठाने को कहा
अमरीका ने भारत और पाकिस्तान के युद्धविराम के फ़ैसले का स्वागत किया है. अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने भारत के विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी से टेलीफ़ोन कर बातचीत की और युद्धविराम का स्वागत किया. लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश शांति की दिशा में और क़दम उठाएँगे. अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा," प्रधानमंत्री वाजपेयी और प्रधानमंत्री जमाली ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की एक और पहल की है." उनका कहना था कि अमरीका इन शांति प्रयासों और इसके पहले की गई कोशिशों का स्वागत करता है. अमरीकी प्रवक्ता का कहना था कि और बातचीत से मतभेदों को सुलझाया जा सकता है और संघर्ष के स्थायी समाधान की ओर बढ़ा जा सकता है. युद्धविराम इसके पहले भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि भारत और पाकिस्तान के महानिदेशकों (सैन्य अभियान) की बैठक में इस पर सहमति हुई कि मंगलवार मध्यरात्रि से अंतरराष्ट्रीय सीमा, नियंत्रण रेखा और सियाचिन ग्लेशियर में युद्धविराम लागू हो जाएगा.
भारत और पाकिस्तान के बीच ये नयी पहल रविवार को शुरू हुई थी, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मीर ज़फ़रूल्लाह ख़ान जमाली ने कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम लागू करने की घोषणा की थी. सोमवार को भारत ने पाकिस्तान की पेशकश का स्वागत करते हुए सियाचिन में भी युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था. लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने स्पष्ट किया था कि दोनों देशों के बीच स्थायी युद्धविराम के लिए घुसपैठ पर रोक लगनी चाहिए. |
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