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सियाचिन के मसले पर होगी बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान का एक आठ सदस्यीय शिष्टमंडल सियाचिन ग्लेशियर सहित अन्य द्विपक्षीय मामलों पर बातचीत के लिए दिल्ली पहुँच गया है. भारतीय अधिकारियों से दो दिन चलने वाली बातचीत में रक्षा से जुड़े अन्य कई मामलों की भी चर्चा होगी. ये बातचीत जुलाई और मध्य अगस्त में हो रही वार्ताओं की श्रृंखला की एक कड़ी है. पाकिस्तान के शिष्टमंडल का नेतृत्व वहाँ के सेवानिवृत्त प्रतिरक्षा सचिव जनरल हामिद नवाज़ ख़ान करेंगे जबकि भारतीय प्रतिरक्षा सचिव अजय विक्रम सिंह दल के नेता होंगे. बातचीत के पहले दौर के बाद पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी से मिलेगा. रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता का कहना है कि दो दिन की इस बातचीत के एजेंडा को जबकि अंतिम रूप दिया जा रहा है, यह तय है कि इस दौरान कई प्रमुख बातों की चर्चा होगी. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बातचीत के दौरान दुनिया के सबसे ऊँचे युद्धक्षेत्र माने जाने वाले सियाचिन ग्लेशियर से सैनिकों का जमावड़ा कम करने पर विचार हो सकता है. दोनों देश उस इलाक़े में सैनिकों की तैनाती पर प्रतिदिन लाखों डॉलर ख़र्च करते हैं. नियंत्रण रेखा पर मतभेद भारत और पाकिस्तान के बीच ग्लेशियर पर साझा सीमा या नियंत्रण रेखा को लेकर मतभेद हैं. इस मामले पर दोनों पक्षों के बीच छह बार बातचीत हुई और फिर इसे 1998 में कश्मीर सहित अन्य मामलों के साथ संयुक्त वार्ताओं के एजेंडा में शामिल कर लिया गया. दोनों पक्षों के बीच इस समय जारी बातचीत के आठ दौर निबट जाने पर दोनों देशों के विदेश मंत्री अगले महीने दिल्ली में उनकी समीक्षा करेंगे. इस बीच भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच संबंध बेहतर बनाने के उद्देश्य से हो रही एक बैठक बुधवार को इस आह्वान के साथ ख़त्म हुई कि दोनों देश कला, शिक्षा, सांस्कृतिक और मैत्री संबंध और मज़बूत करने की दिशा में काम करें. |
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