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आतंकवाद पर पाक-चीन सैन्य अभ्यास | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान और चीन की सेनाओं के बीच चीन के पश्चिमी क्षेत्र में एक सैनिक अभ्यास हो रहा है. पाकिस्तान का कहना है कि चीन में पहली बार उनकी और चीन की सेना के बीच ऐसा कोई अभ्यास हो रहा है. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार इसमें आतंकवाद की रोकथाम के लिए किए जाने वाले उपायों पर ध्यान दिया जा रहा है. चीन सरकार ने ना तो अभ्यास का उद्देश्य बताया है ना ही ये बताया है कि इसमें कितने सैनिक शामिल हैं. चीन की मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार संयुक्त सैन्य अभियान चीन के स्वायत्त क्षेत्र ज़िनजियांग के दक्षिण में हो रहा है जो चीन-पाक सीमा के बिल्कुल पास है. बताया जा रहा है कि इस अभ्यास में चीन के पश्चिमी हिस्से के उन क्षेत्रों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा जहाँ अक्सर अलगाववादी छिप जाया करते हैं. 'आतंकवादी' ज़िनजियांग मुस्लिम आबादी वाला क्षेत्र है जहाँ उन्हें उइघर्स कहा जाता है. इनका एक बड़ा तबका इस हिस्से से चीन के शासन की समाप्ति कर वहाँ पूर्वी तुर्किस्तान के नाम से अलग देश बनाना चाहता है. कुछ गुटों ने यहाँ सशस्त्र विद्रोह भी शुरू कर दिया है. अमरीका में 11 सितंबर 2001 को हुए हमले के बाद चीन ने विद्रोही गुटों को आतंकवादी घोषित कर दिया. चीन सरकार ने ये भी कहा कि इनमें से कुछ गुटों के संबंध अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान और अल क़ायदा से हैं. मगर बीजिंग स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चीन सरकार के दावे किस आधार पर किए हैं इसका पता अभी तक नहीं चल सका है. |
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