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सर क्रीक विवाद पर चर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली में सियाचिन सीमा विवाद पर चर्चा के बाद अब एक और सीमा विवाद, सर क्रीक विवाद पर बातचीत हो रही है. भारतीय दल का नेतृत्व रक्षा सचिव अजय विक्रम सिंह कर रहे हैं जबकि पाकिस्तानी शिष्टमंडल की अगुआई वहाँ के रक्षा सचिव सेवानिवृत्त लेफ़्टिनेंट जनरल हामिद नवाज़ ख़ान कर रहे हैं. शुक्रवार को सियाचिन मामले पर बातचीत की समाप्ति के बाद जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने सियाचिन से सेना हटाने के बारे में बात की. दोनों पक्षों के बीच ये सहमति भी हुई कि आगे और बातचीत की जाएगी. मगर अगली बातचीत के लिए किसी तारीख़ की घोषणा नहीं की गई है. सियाचिन विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच सियाचिन विवाद पर रक्षा सचिव स्तर की बातचीत गुरूवार को शुरू हुई. सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊँचा रणक्षेत्र है. उजाड़, वीरान और बर्फ़ से ढका यह ग्लेशियर यानी हिमनद सामरिक रुप से दोनों ही देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है लेकिन इस पर सेनाएँ तैनात रखना दोनों ही देशों के लिए महंगा सौदा साबित हो रहा है. 21 साल पुराने इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच 1989 तक सात दौर की वार्ता हुई थी लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. पिछले सात सालों में सियाचिन पर यह पहली बातचीत रही जिसे सकारात्मक कहा जा रहा है. सर क्रीक विवाद सियाचिन विवाद के बाद सर क्रीक विवाद पर बातचीत हो रही है जो शनिवार को भी जारी रहेगी. सर क्रीक की विवादित सीमा गुजरात के कच्छ इलाके में दोनों देशों के मछुआरों के लिए भी मुसीबत का सबब है. इस इलाक़े का सामरिक महत्व भी है और आर्थिक भी पर यहां किसी तरह की कोई आबादी नहीं रहती. इस मुद्दे पर 1992 तक छह दौर की वार्ता हो चुकी है पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है. क्रीक ज़मीन का ऐसा टुकड़ा होता है जहाँ कभी पानी रहता है और कभी नहीं. |
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