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पहले दिन की वार्ता सकारात्मक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की दो दिन की बातचीत शुरू हो चुकी है और रविवार को पहले दिन की बातचीत को भारत ने सकारात्मक बताया है. रविवार को बातचीत ख़ासतौर से सुरक्षा बढ़ाने और आपसी भरोसे को मज़बूत करने के मुद्दों पर केंद्रित रही. समझा जा रहा है कि सोमवार की बातचीत ख़ासतौर से कश्मीर मुद्दे पर केंद्रित रहेगी. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया कि बैठक के दूसरे दिन सोमवार को कश्मीर के मामले पर चर्चा होगी. बातचीत में भारतीय दल की अगुआई विदेश सचिव शशांक कर रहे हैं जबकि नौ सदस्यों वाले पाकिस्तानी दल के नेता पाकिस्तानी विदेश सचिव रियाज़ खोखर हैं. भारत के अगले विदेश सचिव के लिए मनोनीत अधिकारी श्याम शरण भी चर्चा में भाग ले रहे हैं. पहला दिन भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने पहले दिन की बातचीत को सकारात्मक बताया है.
उन्होंने बिना कोई विस्तृत ब्यौरा दिए ये कहा कि बैठक में शांति, सुरक्षा और परमाणु शक्ति पर आपसी विश्वास मज़बूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह परमाणु ख़तरों को कम करने के सिलसिले में दोनों देशों के अधिकारियों ने जो मसौदा तैयार किया था उसपर भी विचार किया गया. बैठक में मुंबई और कराची में वाणिज्य दूतावास खोले जाने पर भी विचार किया गया. कश्मीर में हिंसा की ताज़ा घटनाओं का ज़िक्र किए जाने पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान दहशतगर्दी का विरोध करता है. उन्होंने आगे कहा, "कश्मीर पर पाकिस्तान का रूख़ साफ़ है. हम समझते हैं कि ये एक अंतरराष्ट्रीय मसला है और इसमें स्थानीय लोगों से भी बात की जानी चाहिए." हुर्रियत नेताओं से मुलाक़ात पाकिस्तानी शिष्टमंडल ने भारतीय अधिकारियों से मुलाक़ात करने के साथ ही कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉंफ़्रेंस के नेताओं से भी मुलाक़ात की. शनिवार शाम को पाकिस्तानी दल ने हुर्रियत नेता अली शाह गिलानी से बात की मगर गिलानी ने बातचीत का कोई ब्यौरा नहीं दिया. रविवार को भी दोनों देशों की औपचारिक बातचीत से पहले पाकिस्तानी नेताओं ने कश्मीरी नेताओं यासीन मलिक, शब्बीर शाह और अब्दुल अज़ीज़ शेख़ से मुलाक़ात की. यासीन मलिक ने बैठक का ब्यौरा देते हुए कहा, " हमने पाकिस्तानी दल को बताया कि कश्मीर का मामला केवल सीमा का मामला नहीं है और किसी तरह की वार्ता में कश्मीर के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए." पाकिस्तानी दल ने बाद में हुर्रियत के एक अन्य प्रमुख नेता मीरवायज़ उमर फ़ारूख़ से भी मुलाक़ात की. |
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