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हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान परमाणु परीक्षणों पर रोक जारी रखने पर सहमत हुए हैं. दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच हॉटलाइन संपर्क भी स्थापित किया जाएगा. दिल्ली में दोनों देशों की बातचीत के दौरान यह सहमति बनी है. बातचीत में भारतीय पक्ष का नेतृत्व किया अतिरिक्त सचिव शीलकांत शर्मा ने, जबकि पाकिस्तानी दल की अगुआई उनके समकक्ष तारिक़ उस्मान हैदर ने की. दो दिनों की बैठक के बाद रविवार को जारी संयुक्त बयान में भारत और पाकिस्तान ने आपसी विश्वास बढ़ाने के कई अन्य उपायों का भी ब्यौरा दिया है. इनमें लाहौर में 1999 में हुए समझौते के कार्यान्वयन के लिए बैठकें करने की बात शामिल है. हॉटलाइन परमाणु मसलों को केंद्र में रख कर हुई इस बैठक में नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमति बनी. दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच हॉटलाइन स्थापित करने के अलावा पहले से ही दोनों पक्षों के सैनिक कमांडरों को जोड़ने वाली हॉटलाइन को भी और बेहतर बनाया जाएगा. संयुक्त बयान के अनुसार हॉटलाइन का उद्देश्य है- ग़लतफ़हमियों से बचना और परमाणु मुद्दों पर ख़तरों को कम करना. दोनों देश परमाणु परीक्षणों पर अपनी तरफ़ से रोक लगाए रखने पर सहमत हुए हैं, बशर्ते राष्ट्रीय संप्रभुता से जुड़ा कोई ख़तरा सामने नहीं हो. ग़ौरतलब है कि मई 1998 में दोनों देशों ने परमाणु परीक्षण किए थे. हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान के सुधरते संबंधों की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के विदेश सचिव 27 और 28 जून को मिल रहे हैं. |
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