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अतीत का साया नहीं पड़ने देंगे:नटवर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा है कि अब से आगे पाकिस्तान के साथ संबंधों पर अतीत का असर नहीं पड़ने दिया जाएगा. नटवर सिंह ने भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अज़ीज़ अहमद ख़ान से गुरूवार को नई दिल्ली में क़रीब एक घंटे तक बातचीत की. विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि इस मुलाक़ात के दौरान ही नटवर सिंह ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी से भी टेलीफ़ोन पर बात की और कहा, "अब से आगे भारत और पाकिस्तान के संबंधों पर अतीत की छाया नहीं पड़ने दी जाएगी." विदेश मंत्रालय से जारी बयान के मुताबिक़ दोनों मंत्रियों ने आपसी हितों के विषयों पर बात की और यह बातचीत "दोस्ताना और सदभाव के माहौल में हुई." एक सप्ताह में यह दूसरा मौक़ा है कि भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ने पाकिस्तान के संबंधों को अतीत की बेडियों से बाहर निकालने की बात कही है. भारत में जब से नई सरकार ने कार्यभार संभाला है तब से दोनों देशों के संबंध सुधारने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के मसले पर एक तरह से वाकयुद्ध चल रहा है. भारत की तरफ़ से कहा गया था कि पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत शिमला समझौते के आधार पर ही की जा सकती है. जबकि पाकिस्तान ने इस पर कुछ ऐतराज़ जताया था. बाद में दोनों देशों ने बयानबाज़ी से बचने की इच्छा ज़ाहिर की थी. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कहा था कि दोनों देशों को संबंध सुधारने की प्रक्रिया में बयानबाज़ी से बचना चाहिए क्योंकि कूटनीति बयानों के आधार पर नहीं चलती है. दोनों देशों के बीच अब परमाणु मुद्दों पर इसी महीने 19 तारीख़ को बातचीत शुरू होनी है और उसके बाद 27-28 जून को विदेश सचिव स्तर की बातचीत होनी है. |
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