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मुशर्रफ़ ने सोनिया को फ़ोन किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने मंगलवार को कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी से फ़ोन पर बात की और उनसे भारत- पाकिस्तान शांति प्रक्रिया को समर्थन देने का अनुरोध किया. इससे पहले दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने शांति प्रक्रिया पर बातचीत की थी. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना के अनुसार, राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने सोनिया गाँधी से पाँच मिनट बात की. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने सोनिया गाँधी को चुनावों में जीत के लिए बधाई दी और पाकिस्तान आने का निमंत्रण भी दिया. प्रवक्ता के अनुसार सोनिया गाँधी ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को याद दिलाया कि कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शांति प्रयासों को समर्थन दिया था. उन्होंने बताया कि इस बातचीत में पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से हुई अपनी बातचीत का ज़िक्र किया और बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी शांति प्रक्रिया को समर्थन देने की बात कही है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात की थी. विदेश मंत्री
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद क़सूरी ने भारत के नए विदेश मंत्री नटवर सिंह से बात की थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, ''दोनों मंत्रियों ने शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि दोनों देशों के लोग जिस तरह इसका समर्थन कर रहे हैं उसके चलते इसमें तेज़ी भी लानी चाहिए.'' प्रवक्त के मुताबिक़, नटवर सिंह ने कहा कि दोनों देशों को चरमपंथ और हिंसा से अलग रखकर बात करनी होगी. उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों के मुद्दे पर होने वाली बातचीत को यह कहकर आगे बढ़ाने को कहा था कि नई सरकार को थोड़ा वक्त चाहिए. जनवरी में तय कार्यक्रम के अनुसार पहले भारत-पाकिस्तान के बीच विदेश मंत्री स्तर की बातचीत मंगलवार को होनी थी. |
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