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पाकिस्तान से रिश्ते सुधरेंगे: मनमोहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के नवनियुक्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नई सरकार की योजनाओं की चर्चा करते हुए पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संबंध जारी रखने का विश्वास दिलाया है. डॉक्टर सिंह ने धार्मिक सदभाव बनाए रखने के साथ ही लोगों का जीवन स्तर सुधारने संबंधी क़दम उठाने की भी बात कही है. उन्होंने कहा, "प्राथमिकता होगी ग़रीबी के विरुद्ध हर संभव क़दम उठाए जाएँ." उधर पाकिस्तान ने डॉक्टर सिंह की इन घोषणाओं का स्वागत किया है. बीबीसी हिंदी से बातचीत में पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख रशीद ने कहा, “ दोनों ओर उम्मीद तो काफ़ी है कि हम मसले बातचीत से हल करेंगे और प्रधानमंत्री के बयान से और आस बँधती है.” राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने डॉक्टर मनमोहन सिंह को बुधवार को ही प्रधानमंत्री नियुक्त किया है और संभावना व्यक्त की जा रही है कि वह शनिवार को शपथ लेंगे. प्रधानमंत्री नियुक्त होने के बाद डॉक्टर सिंह ने यह पहला संवाददाता सम्मेलन किया और भावी योजनाओं के बारे में बताया. पाकिस्तान से रिश्तों में सुधार उन्होंने कहा कि भारत सभी पड़ोसियों और ख़ासकर पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारना चाहता है. उनका कहना था कि ऐसे सभी विवाद सुलझाने होंगे जिनकी वजह से संघर्ष होता रहा. नवनियुक्त प्रधानमंत्री ने कहा, "किस ने सोचा था कि एक दिन बर्लिन की दीवार गिर जाएगी." डॉक्टर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को बिना कोई नुक़सान पहुँचाए पड़ोसियों के साथ रिश्ते सुधारे जाएँगे. पाकिस्तान के सूचना मंत्री से पूछे जाने पर पाकिस्तान के विदेशमंत्री ने अमरीका में ये बयान क्यों दिया है कि पाकिस्तान को ये मंज़ूर नहीं है कि नियंत्रण रेखा को ही स्थाई सीमा बना दिया जाए, उन्होंने कहा कि ये बात तो पाकिस्तान पहले भी कह चुका है. उन्होंने कहा कि इस समय आए इस बयान से इसी बात पर ध्यान जाता है कि बातचीत करने की ज़रूरत है और आगे बढ़ने के लिए वही रास्ता ठीक है. उधर, इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने अपने बयान में कहा, “अगर न्यायपूर्ण और पाएदार समाधान खोजने हों तो कोई समस्या बहुत बड़ी नहीं होती...हमें ज़रूरत है अच्छे नेतृत्व और सोच की.” कई घोषणाएँ उन्होंने सभी 'राष्ट्रभक्त भारतीयों' से कट्टरपंथी भावनाएँ छोड़ने की अपील भी की है. नवनियुक्त प्रधानमंत्री ने जो भी आर्थिक योजनाएँ रखी हैं वे ऐसी मानी जा रही हैं जो हर वर्ग के लोगों में पसंद की जाएँ. उन्होंने कहा, "हमारे सामने बहुत बड़ी चुनौती है. हमें देश में सांप्रदायिक सौहार्द को हर हालत में मज़बूत करना है. अगर देश को धर्म और जाति के नाम पर बाँटने की कोशिश जारी रहेगी तो देश के विकास में परेशानी होगी." उनका कहना था कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को भी देश के विकास में पूरी तरह शामिल किया जाएगा. डॉक्टर सिंह ने प्रवासी भारतीयों से भी देश के विकास में योगदान देने की अपील की. उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री पद ठुकराने के बाद देश में सत्ता के दो केंद्र हो जाएँगे. उनका कहना था कि वह कांग्रेस अध्यक्ष से सलाह-मशविरे से काम करेंगे. नवनियुक्त प्रधानमंत्री ने कहा कि जल्दी ही सरकार का न्यूनतम साझा कार्यक्रम पेश किया जाएगा जिसमें ग़रीबी से लड़ाई पर ख़ासा ध्यान दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने नौजवानों के लिए रोज़ग़ार मुहैया कराने पर भी ज़ोर दिया डॉक्टर सिंह का कहना था, "सुधार हम आगे बढ़ाएँगे मगर ऐसे सुधार जो भारत की आम जनता को राहत पहुँचाते हों वो सुधार लागू होंगे." इस बीच शेयर बाज़ार में गुरुवार को कुछ गिरावट दर्ज की गई मगर विश्लेषकों का कहना है कि बाज़ार में आम तौर पर मनमोहन सिंह की नियुक्ति का स्वागत हो रहा है. नवनियुक्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इक़बाल की पंक्तियाँ भी इस संवाददाता सम्मेलन में दोहराईं और कहा, |
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