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मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री नियुक्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
काँग्रेस संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने मनमोहन सिंह को देश का अगला प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया है. संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद मनमोहन सिंह और काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने राष्ट्रपति कलाम से मुलाक़ात की. राष्ट्रपति कलाम ने मनमोहन सिंह को सरकार बनाने का न्योता दे दिया है. लेकिन शपथ ग्रहण से पहले मनमोहन सिंह एक बार फिर राष्ट्रपति से मिलेंगे. काँग्रेस गठबंधन में शामिल पार्टियों के साथ-साथ वामपंथी दलों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे काँग्रेस के किसी भी नेता की अगुआई में बनने वाली सरकार को अपना समर्थन देंगे.
इससे पहले काँग्रेस पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों ने एक बार फिर सोनिया गाँधी को मनाने की असफल कोशिश की. सोनिया गाँधी ने स्पष्ट कर दिया कि फ़ैसले को वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता. बाद में काँग्रेस संसदीय दल की बैठक में मनमोहन सिंह के नाम को मंज़ूरी दे दी गई. सोनिया गाँधी पर दबाव डालने के वास्ते पार्टी की नीति निर्धारक समिति कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों ने मंगलवार रात को अपने इस्तीफ़े सौंप दिए थे. बाद में पार्टी के एक अन्य महासचिव ऑस्कर फ़र्नांडिस ने पत्रकारों को बताया कि सोनिया गाँधी ने पार्टी नेताओं की माँग को ठुकरा दिया है. द्रमुक का फ़ैसला इस बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी द्रमुक ने केंद्र में कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार में शामिल होने का फ़ैसला किया है. तमिलनाडु की इस प्रमुख पार्टी के 16 सांसद इस बार निर्वाचित हुए हैं.
इससे पहले सोनिया गाँधी ने द्रमुक नेता एम करुणानिधि से मुलाक़ात की. वह माकपा नेता हरकिशन सिंह सुरजीत से भी मिलीं हैं. माना जाता है कि वह कांग्रेस संसदीय दल के नए नेता के नाम पर सहमति बनाने के लिए सहयोगी दलों के नेताओं से मिल रही हैं. |
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