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परिवार के साथ सिख संस्थाएँ भी ख़ुश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
डॉक्टर मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री नियुक्त होने का उनके गृह राज्य पंजाब में तो स्वागत हुआ ही है, साथ ही अधिकतर सिख संगठनों ने भी इस पर ख़ुशी ज़ाहिर की है. सिखों के पवित्र शहर अमृतसर में उनके शपथ ग्रहण पर दीपमाला करने की योजनाएँ बनाई जा रही हैं. उधर सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख़्त के जत्थेदार जोगिंदर सिंह वेदांती ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा कि इस क़दम से सिखों का गौरव बढ़ा है. उनका कहना था, "डॉक्टर मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री नियुक्त होने से सिखों का सम्मान बढ़ा है और निश्चित तौर पर इससे काँग्रेस पार्टी के सिख समुदाय के साथ रिश्ते बेहतर होंगे." जत्थेदार विदांती ने कहा, "डॉक्टर मनमोहन सिंह स्वर्ण मंदिर और अकाल तख़्त पर आएँगे तो उन्हें शिरमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से सिरोपा देकर सम्मानित किया जाएगा." उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉक्टर मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने से देश और सिखों से संबंधित कई विवादित मुद्दे सुलझाए जा सकेंगे. एसजीपीसी के महासचिव और पूर्व अकाली मंत्री मनजीत सिंह कलकत्ता ने कहा कि मनमोहन सिंह ने सिख समुदाय का नाम रौशन किया है. वरिष्ठ अकाली नेता होने के बावजूद उन्होंने बिना संकोच कहा, "पहले सिख समझते थे कि उन्हें देश में अपना हक पाने में मुश्किलें आती हैं लेकिन अब उनके मन में ऐसी भावना नहीं आएगी." लेकिन अलगाववादी सिख संगठन दल खालसा के नेता कंवरपाल सिंह बिट्टू के विचार अलग हैं और वे मानते हैं कि 1984 के ऑपरेशन ब्ल्यूस्टार को भुलाया नहीं जा सकता. उनका कहना था,"डॉक्टर मनमोहन सिंह सच्चे काँग्रसी है और हम जानते हैं कि 1980 के दशक में किस तरह से सिखों पर अत्याचार हुआ था." कंवरपाल सिंह का कहना था कि काँग्रेस और सिखों के बीच की खाई को पाटना असंभव है. परिवार भी ख़ुश पारिवारिक स्तर पर डॉक्टर मनमोहन सिंह के दो भाइयों सुरजीत सिंह और दलजीत सिंह और बहन नरिंदर कौर ने उनके प्रधानमंत्री नियुक्त होने पर ख़ुशी ज़ाहिर की. सुरजीत सिंह ने कहा, "हमने तो ऐसी कल्पना भी नहीं की थी." पंजाब विश्वविद्यालय में उनके शिक्षक रहे डॉक्टर जी एस भल्ला बहुत ख़ुश थे और उन्होंने कहा, "चाहे वो राजनीतिक जोड़-तोड़ नहीं जानते लेकिन वे अच्छे प्रधानमंत्री साबित होंगे क्योंकि वे अब संवेदनशीलता के साथ आर्थिक सुधार करेंगे." डॉक्टर मनमोहन सिंह के शिष्य और अर्थशास्त्री डॉक्टर एच एस गिल का कहना था, "हमने सादा जीवन व्यतीत करने और साइकिल चलाने वाले प्रोफेसर मनमोहन सिंह से बहुत कुछ सीखा. " |
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