| 'आर्थिक सुधारों का आदर्श बनेगा भारत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के भावी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वे देश को आर्थिक सुधारों का आदर्श बनाना चाहते हैं जिसमें ग़रीब और निचले तबके के लोगों के लिए भी अवसर उपलब्ध रहेंगे. राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सरकार बनाने का न्यौता मिलने के बाद मनमोहन सिंह पत्रकारों से बात कर रहे थे. मनमोहन सिंह के साथ सोनिया गाँधी भी मौजूद थीं. मनमोहन सिंह ने कहा कि चुनावों में जनादेश तो सोनिया गाँधी को ही मिला था. उन्होंने कहा कि वे अपनी सीमा जानते हैं. 24वीं शताब्दी को भारत की शताब्दी बताते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "हम भारत और दुनिया को आर्थिक सुधारों का ऐसा आदर्श देंगे जिसमें ग़रीब और दबे-कुचले लोगों के लिए भी मौक़े उपलब्ध रहेंगे." शेयर बाज़ार को सकारात्मक संदेश देते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि वे बाज़ार को यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि उन्हें पूँजी बाज़ार का महत्व पता है लेकिन किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है. वैसे सोमवार को ऐतिहासिक गिरावट के बाद बाज़ार लगातार संभल रहा है और प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह का नाम आने के बाद बाज़ार पर सकारात्मक असर पड़ा है. मनमोहन सिंह ने भावी सरकार की प्राथमिकताएँ गिनाईं और कहा कि सरकार कृषि, रोज़गार, सामाजिक सुरक्षा और नौकरियाँ उपलब्ध कराने पर ज़ोर देगी. |
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