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"गुजरात सरकार ने कार्रवाई नहीं की" | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के नए क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने गुजरात दंगों के संबंध में मज़बूत रुख़ अपनाने के लिए देश की न्याय व्यवस्था की तारीफ़ की है. भारद्वाज ने बुधवार को कार्यभार संभालने के बाद कहा कि गुजरात दंगों के पीड़ितों को राहत पहुँचाने और उन्हें राहत दिलाने के लिए पूर्व गृहमंत्री और गुजरात सरकार ने कुछ भी नहीं किया. भारद्वाज ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात दंगों के एक मामले में न सिर्फ़ दोबारा मुक़दमा चलाने के आदेश दिए बल्कि दंगा पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित नहीं कर पाने के लिए गुजरात सरकार की आलोचना भी की. ग़ौरतलब है कि गुजरात में 2002 में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे हुए थे जिनमें क़रीब दो हज़ार लोग मारे गए थे और उनमें ज़्यादातर मुसलमान थे. गुजरात सरकार पर आरोप लगाया जाता है कि उसने दंगे रोकने के लिए सही समय पर ठोस क़दम नहीं उठाए. विवादास्पद 'आतंकवाद निरोधक क़ानून' पोटा को समाप्त करने की संभावनाओं के बारे में हंसराज भारद्वाज ने कहा कि यह फ़ैसला मंत्रिमंडल ही लेगा. उन्होंने कहा कि वह उच्च न्यायालयों में ख़ाली पड़े पदों को भरने के लिए तुरंत प्रभावी क़दम उठाएंगे. |
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