| डीएमके की नाराज़गी दूर हुई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में कांग्रेस गठबंधन की सहयोगी पार्टी डीएमके ने कहा है कि विभागों के बँटवारे को लेकर उसकी नाराज़गी दूर हो गई है. डीएमके ने मंगलवार को दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने उन तीन विभागों में से दो उन्हें दे दिए हैं जिनकी माँग की जा रही थी इसलिए अब कोई नाराज़गी नहीं है. ग़ौरतलब है कि डीएमके के सात मंत्रियों ने यह कहकर कार्यभार संभालने से इनकार कर दिया था कि उन्हें वे विभाग नहीं दिए गए जिनका वायदा किया गया था. डीएमके नेता दयानिधि मारन ने दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के हस्तक्षेप के बाद विभागों को लेकर मतभेद दूर कर लिए गए हैं. मारन ने बताया कि अब जहाज़रानी के साथ-साथ राजस्व विभाग भी डीएमके के पास रहेगा, जैसी कि पहले मांग की जा रही थी. अभी यह साफ़ नहीं कि क्या डीएमके को कार्मिक और आंतरिक सुरक्षा विभाग भी मिलेंगे या नहीं, जिनके बारे में पार्टी का कहना है कि उससे इनका वायदा किया गया था. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने भी कहा है कि डीएमके के एक नेता की मुलाक़ात प्रधानमंत्री से होने के बाद उन्हें जहाज़रानी और राजस्व मंत्रालय दिए जा रहे हैं. नाराज़गी मनमोहन सिंह सरकार में शामिल मंत्रियों के विभागों की घोषणा रविवार को हुई थी और तभी डीएमके ने अपने सदस्यों को मिले विभागों पर नाराज़गी जताई थी. डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने कहा था कि विरोध स्वरूप उनके मंत्री तब तक पदभार नहीं संभालेंगे जब तक कि इस 'ग़लती' को सुधार नहीं लिया जाता. करुणानिधि ने सोमवार को चेन्नई में कहा कि कॉंग्रेस नेता जनार्दन रेड्डी ने उन्हें पत्र लिख कर जहाज़रानी और बंदरगाह मंत्रालय देने का वायदा किया था और वित्त मंत्रालय में भी राज्य मंत्री के पद का आश्वासन दिया था.
मगर उनके अनुसार विभागों के नामों की घोषणा पत्र में दिए गए भरोसे से बिल्कुल अलग है. इसके बाद डीएमके सांसद और पूर्व मंत्री मुरासोली मारन के बेटे दयानिधि मारन ने दिल्ली में वरिष्ठ कॉंग्रेसी नेता कमलनाथ से मुलाक़ात की थी और फिर ये दोनों प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिले थे. बाद में कमलनाथ ने कहा कि सभी सहयोगियों की सभी माँगें पूरी नहीं की जा सकतीं और सहयोगी दलों को ये बात समझनी चाहिए. 68 सदस्यों वाली मनमोहन सिंह सरकार में डीएमके के सात मंत्री हैं. इनमें तीन मंत्री कैबिनेट स्तर के और चार राज्य स्तर के हैं. टी आर बालू को भूतल परिवहन विभाग, ए राजा को पर्यावरण और वन विभाग तथा दयानिधि मारन को संचार और आईटी विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. एस एस पलानी मनिकम को वाणिज्य और उद्योग, एस रघुपति को गृह, के वेंकटपति को विधि और न्याय तथा जगदीशन को सामाजिक न्याय मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया है. |
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