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बंधक बनाए गए पाकिस्तानी सैनिक रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के दक्षिणी वज़ीरिस्तान क़बायली इलाक़े में पिछले सप्ताह बंदी बनाए गए 14 लोगों को चरमपंथियों ने रिहा कर दिया है. इनमें 12 पाकिस्तानी सैनिक और दो सुरक्षा अधिकारी थे. 12 दिन पहले इन लोगों को इलाक़े में अल क़ायदा और तालेबान के चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चलाए गए अभियान की शुरूआत में बंधक बना लिया गया था. पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी महमूद शाह ने यह घोषणा की है. महमूद शाह ने यह भी बताया कि इलाक़े में पाकिस्तानी सेना का अभियान पूरा हो गया है और अब वहाँ से सेनाएं वापस हटाई जा रही हैं. इस अभियान में 35 से ज़्यादा सैनिक और अनेक चरमपंथियों के मारे जाने की ख़बर है. यह अभियान मुख्य रूप से वाना क़स्बे के आसपास चलाया गया जहाँ यह संदेह था कि अल क़ायदा और तालेबान के संदिग्ध लड़ाके छुपे हो सकते हैं. रिहाई इलाक़े के वरिष्ठ क़बायली नेता इन बंधकों को छुड़ाने के लिए कई दिन से प्रयास कर रहे थे. यारगुलखेल क़बायलियों ने कहा था कि वे इन बंधकों को तब तक रिहा नहीं करेंगे जब तक कि वहाँ चलाया जा रहा अभियान ख़त्म नहीं किया जाता है. महमूद शाह ने बताया है कि सैनिकों ने इलाक़े में व्यापक तलाशी अभियान चलाने और कुछ संदिग्धों को हिरासत मे लेने के बाद वहाँ से पीछे हटना शुरू कर दिया है. महमूद शाह ने कहा, "इस इलाक़े में चलाए गए अभियान का मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिया गया है." हालाँकि शाह ने यह भी कहा कि अल क़ायदा के सदस्यों को पाकिस्तान से बाहर खदेड़ने का अभियान जारी रहेगा. |
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