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अफ़ग़ान सीमा पर पाक संघर्षविराम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगे इलाक़े में अल क़ायदा और तालिबान के लड़ाकों के साथ अस्थायी संघर्षविराम करने का फ़ैसला किया है. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार ये संघर्षविराम सोमवार से लागू हो रहा है. पाकिस्तान के दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े में पिछले एक सप्ताह से अल क़ायदा और तालिबान के सदस्यों के ख़िलाफ़ अभियान चल रहा था. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि संघर्षविराम से इस क्षेत्र के कबायली बुज़ुर्गों के एक दल को संघर्ष का कोई हल निकालने का मौक़ा मिलेगा. अभियान अफ़ग़ान सीमा से लगे इस इलाक़े में पाकिस्तानी सेना और अल क़ायदा तथा तालिबान के लड़ाकों के बीच ज़बरदस्त संघर्ष चल रहा था. अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के बाद अल क़ायदा और तालिबान के सैकड़ों लड़ाके इस इलाक़े में घिरे हुए हैं. दक्षिणी वज़ीरिस्तान के एक सुरक्षा अधिकारी महमूद शाह ने बताया है कि अस्थायी संघर्षविराम से इस क्षेत्र के क़बायली बुज़ुर्गों के एक प्रतिनिधिमंडल को संघर्ष के किसी हल की तलाश का मौक़ा मिलेगा. महमूद शाह ने सभी विदेशी चरमपंथियों को सौंपे जाने की माँग की है.. साथ ही उन्होंने उन स्थानीय क़बायलियों को भी समर्पण करने के लिए कहा जो इन चरमपंथियों की मदद कर रहे हैं. अल क़ायदा नेता की संभावना कम इससे पहले इस अभियान की ख़बर आने के बाद ऐसी चर्चा थी कि जिन चरमपंथियों को घेरा गया है उनमें अल क़ायदा के एक प्रमुख नेता भी शामिल हैं. ऐसी अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि हो सकता है कि पाकिस्तानी सेना ने ओसामा बिन लादेन के दाहिने हाथ ऐमन अल ज़वाहिरी को घेर लिया है. मगर अब अधिकारी कह रहे हैं कि शायद अब इसकी कोई संभावना नहीं है. |
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