पाकिस्तान में ट्विटर पर रोक हटी

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इमेज कैप्शन, अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने ट्विटर से कथित इस्लाम विरोधी टिप्पणियों को रोकने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई

पाकिस्तान ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लगी रोक हटा ली है.

ट्विटर पर आरोप है उसकी साइट पर इस्लाम विरोधी सामग्रियों का प्रचार किया जा रहा है.

देर रविवार रात पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने ट्वीट किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से बात की, और बताया कि लोग इस बारे में क्या सोच रहे हैं, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लगी पाबंदी को हटा लेने का आदेश दिया.

उन्होंने ट्वीट में कहा, "जैसा कि मैने वायदा किया था, ट्विटर पर लगी रोक हटा ली गई है, लेकिन मैं अनुरोध करता हूँ कि ट्विटर पर इस्लाम विरोधी सामग्री को रोका जाए जिससे पूरी दुनिया के मुसलमानों की भावनाएँ आहत होती हैं."

मलिक ने आगे कहा कि सूचना प्रौद्योगिकि मंत्रालय ने इस्लाम विरोधी सामग्री को देखने के बाद ट्विटर पर पाबंदी लगा दी थी, और उनसे इस बारे में कोई बातचीत नहीं की गई थी, लेकिन उन्होंने ट्विटर पर लगी पाबंदी हटाकर अपना रोल अदा किया है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान में दूरसंचार ऑथारिटी के चेयरमैन मोहम्मद यासीन ने कहा था कि ट्विटर ने इस्लाम के प्रति अपमानजनक सामग्रियों को हटाने से इनकार कर दिया है, इसलिए उस पर रोक लगा दी गई थी.

इससे पहले शनिवार देर रात मलिक ने भरोसा दिलाया था कि ट्विटर पर रोक की बातें अफवाहें हैं.

उधर मोहम्मद यासीन ने बताया था कि ट्विटर पर पोस्ट की गई कई सामग्रियों में फेसबुक पर होने वाली एक प्रतियोगिता का प्रचार किया जा रहा था, जिसके तहत पैगंबर मोहम्मद की तस्वीरें पोस्ट करनी थी.

यासीन ने बताया कि कई मुसलमान पैगंबर मोहम्मद की तस्वीरों को ईशनिंदा मानते हैं, भले ही ये तस्वीरें उनके खिलाफ न हों.

उन्होंने बताया कि फेसबुक पाकिस्तान की चिंता पर कार्रवाई के लिए सहमत हो गया, लेकिन ट्विटर इसके लिए तैयार नहीं था.

बातचीत

मोहम्मद यासीन का कहना था, "हम शनिवार रात से उनसे बातचीत कर रहे थे. लेकिन वे इन सामग्रियों को हटाने को तैयार नहीं हुए. इसलिए हमें ट्विटर को रोकना पड़ा है."

ट्विटर पर रोक लगाने का निर्देश पाकिस्तान के सूचना तकनीक मंत्रालय की ओर से आया था.

मोहम्मद यासीन के मुताबिक मंत्रालय के अधिकारियों ने ट्विटर को राजी करने की कोशिश की थी और अगर ट्विटर सामग्री हटाने को तैयार हो जाता तो उस पर लगी रोक हटा ली जाती.

ट्विटर और फेसबुक के अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

वर्ष 2010 में ऐसी ही एक प्रतियोगिता को लेकर लोगों में फैली नाराजगी के कारण पाकिस्तान की एक अदालत ने फेसबुक पर पाबंदी लगा दी थी.

दो सप्ताह बाद उस समय ये पाबंदी हटा ली गई, जब फेसबुक ने पाकिस्तान में उस पन्ने को ब्लॉक करने का फैसला किया.

उस समय पाकिस्तान की सरकार ने कहा था कि वो अन्य बड़ी वेबसाइट्स पर इस्लाम विरोधी लिंक और सामग्री पर नजर रखेगी. उस समय पाकिस्तान में प्रदर्शन भी हुए थे.