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लंदन में नेहरू की प्रतिमा तोड़ी गई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की राजधानी लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा को तोड़ दिया गया है. उच्चायोग के अधिकारियों को शुक्रवार की सुबह इस घटना का पता चला. अभी तक ये पता नहीं चला है कि इसके पीछे कौन है. भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा है कि मूर्ति तोड़े जाने की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई, जो कि मामले की जाँच कर रही है. वहाँ सीसीटीवी कैमरा मौजूद है लेकिन संदेह यह जताया जा रहा है कि प्रतिमा तोड़ते समय सीसीटीवी कैमरे को आसमान की ओर मोड़ दिया गया था ताकि कोई सबूत न रहे. 'दुर्भाग्यपूर्ण' विदेश राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि जल्द से जल्द नेहरू जी की प्रतिमा लगाई जाएगी.
उस समय भारतीय उच्चायुक्त एलएम सिंघवी और लंदन के मेयर ने इस प्रतिमा का अनावरण किया था. इंडिया हाउस के बगल की जगह इंडिया प्लेस नाम से जानी जाती है. इंडिया प्लेस में जिस जगह पंडित नेहरू की प्रतिमा लगाई गई थी, ये वही जगह है जहाँ 15 अगस्त 1947 को भारत के पहले उच्चायुक्त और नेहरू के क़रीबी माने जाने वाले कृष्ण मेनन ने आज़ाद भारत का झंडा फहराया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'टिप्पणी गांधी-नेहरू परिवार की परंपराओं के ख़िलाफ़'23 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'नेहरू-गांधी परिवार' पर निशाना08 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस नेहरू को नहीं मिल पाया नोबेल14 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना पुण्यतिथि पर गांधी को अनूठी श्रद्धांजलि31 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस नेहरू-गाँधी परिवार का राजनीतिक सफ़र24 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस विवादों ने अब भी पीछा नहीं छोड़ा10 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'सफलता का मापदंड - पंडित नेहरू की नीति'14 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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